दिल्ली ब्लास्ट की फंडिंग का खुलासा: लेडी डॉक्टर शाहीन ने मॉड्यूल को दिए थे 20 लाख रुपये

लाल किला ब्लास्ट में जैश का ‘शू बॉम्बर’ मॉड्यूल सक्रिय था

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  • सुरक्षा एजेंसियों की जांच में पता चला—20 लाख रुपये लेडी डॉक्टर शाहीन ने ही हमले के मॉड्यूल को दिए
  • लाल किला मेट्रो गेट-1 के पास i20 कार में धमाके में 13 लोगों की मौत
  • आतंकी उमर मोहम्मद के जूते से मिला मेटल सब्सटेंस, TATP के ट्रेसेस बरामद
  • जांच में 2001 के ‘शू बॉम्बर’ पैटर्न से मिलता-जुलता मॉडस ऑपरेन्डी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 17 नवंबर: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास हुए धमाके की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती तफ्तीश अब इस ओर इशारा कर रही है कि ब्लास्ट की साजिश को अंजाम देने के लिए 20 लाख रुपये की फंडिंग सीधे गिरफ्तार लेडी डॉक्टर शाहीन के जरिए मॉड्यूल तक पहुंचाई गई थी। यह वही शाहीन है जो पिछले हफ्ते आतंकी सपोर्ट नेटवर्क से जुड़ने के आरोप में पकड़ी गई थी।

सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने बताया कि यह हमला आत्मघाती ब्लास्ट की श्रेणी में आता है। घटना के वक्त लाल किला के पास खड़ी i20 कार को जैश से जुड़े आतंकी उमर मोहम्मद ने उड़ा दिया था, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी।

उमर मोहम्मद पर बड़ा खुलासा,शू बॉम्बर पैटर्न

जांच टीम को कार की ड्राइविंग सीट के नीचे, दाहिने फ्रंट टायर के पास से एक जूता मिला है। इस जूते के भीतर धातु जैसा पदार्थ पाया गया है, जो फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक धमाके में इस्तेमाल हुआ दिख रहा है। टायर और जूते दोनों से TATP (Triacetone Triperoxide) के ट्रेसेस भी मिले हैं।

एजेंसियों को अब तक मिले सबूतों से यह शक मजबूत हो गया है कि उमर मोहम्मद ने ‘शू बॉम्बर’ तकनीक का इस्तेमाल किया  वैसा ही पैटर्न जैसा दिसंबर 2001 में रिचर्ड रीड ने पेरिस से मियामी जा रही फ्लाइट में धमाका करने की कोशिश में अपनाया था।

TATP और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल

फोरेंसिक जांच में इसकी भी पुष्टि हुई है कि इस धमाके में TATP और अमोनियम नाइट्रेट दोनों का मिश्रण इस्तेमाल किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मॉड्यूल ने बड़ी मात्रा में TATP इकट्ठा कर रखा था और किसी बड़े हमले की तैयारी चल रही थी।

ber

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