गोभी की खेती विवाद: BJP मंत्री के पोस्ट पर थरूर बोले- ‘प्राउड हिंदू’ होने के नाते…
असम के मंत्री ने गोभी की खेती वाली तस्वीर पर लिखा 'बिहार ने दी मंजूरी'; कांग्रेस सांसद ने नरसंहार की सराहना न करने की बात कही
- बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की जीत के बाद असम के BJP मंत्री अशोक सिंघल ने सोशल मीडिया पर गोभी की खेती की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
- सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तस्वीर को 1989 के भागलपुर नरसंहार से जोड़ा, जहाँ मारे गए लोगों के शवों को कथित तौर पर गोभी के खेत में दबा दिया गया था।
- कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक ‘गौरवान्वित हिंदू’ होने के नाते वह कह सकते हैं कि उनका धर्म और राष्ट्रवाद ऐसे नरसंहारों की मांग या सराहना नहीं करता है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 16 नवंबर: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की बंपर जीत के बाद, असम के कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता अशोक सिंघल का एक सोशल मीडिया पोस्ट विवादों के केंद्र में आ गया है। 14 नवंबर 2025 को सिंघल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर गोभी की खेती की एक तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, “Bihar approves Gobi farming ✓” (बिहार ने गोभी की खेती की मंजूरी दी)।
ऊपर से सामान्य दिखने वाले इस पोस्ट को सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत बिहार के इतिहास के एक काले अध्याय से जोड़ दिया, जिसके बाद मंत्री सिंघल पर नरसंहार का महिमामंडन करने के गंभीर आरोप लगे। यूजर्स ने सिंघल के पोस्ट को 1989 के भागलपुर सांप्रदायिक दंगों से जोड़कर देखा, जिसमें बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी।
भागलपुर नरसंहार से जुड़ाव
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया इसलिए आई, क्योंकि 1989 में हुए भागलपुर दंगों के दौरान गोराडीह ब्लॉक के लोगैन गांव में एक भयावह घटना हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नरसंहार में 110 से अधिक मुस्लिमों की हत्या कर दी गई थी। यह आरोप लगा था कि नरसंहार के बाद शवों को छुपाने के लिए उन्हें एक खेत में दफना दिया गया और उस पर गोभी के पौधे उगा दिए गए थे।
यूजर्स ने इसी संदर्भ को ध्यान में रखते हुए बीजेपी मंत्री पर चुनाव की जीत का जश्न मनाने के लिए इस विभत्स घटना का उपहास करने या उसे सामान्य बताने का आरोप लगाया। एक यूजर ने सीधे कांग्रेस सांसद शशि थरूर को टैग करते हुए प्रभावशाली हिंदू नेताओं से इस तरह के सामान्यीकरण की निंदा करने की अपील की।
थरूर की ‘प्राउड हिंदू’ के तौर पर प्रतिक्रिया
विवाद गहराने के बाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे तौर पर मंत्री सिंघल का नाम लिए बिना, एक ‘गौरवान्वित हिंदू’ और समावेशी भारत के समर्थक के रूप में अपना पक्ष रखा।
थरूर ने कहा कि वह कोई कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर नहीं हैं, इसलिए संयुक्त बयान जारी करना उनका काम नहीं है। हालांकि, उन्होंने आगे स्पष्ट किया, “लेकिन समावेशी भारत के एक समर्थक और एक गौरवान्वित (प्राउड) हिंदू होने के नाते, मैं अपनी और अपने जानने वाले ज्यादातर हिंदुओं की ओर से कह सकता हूं कि न तो हमारा धर्म और न ही हमारा राष्ट्रवाद ऐसे नरसंहारों की मांग करता है, उन्हें उचित ठहराता है या उनका समर्थन करता है, और न ही उनकी सराहना करता है।”
थरूर का यह बयान मंत्री के पोस्ट की आलोचना करने वाले यूजर्स को नैतिक समर्थन देने वाला माना जा रहा है। यह पूरा मामला दिखाता है कि राजनीति में प्रतीक और सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट कितनी जल्दी एक बड़ा विवाद खड़ा कर सकते हैं और अतीत के दर्दनाक घावों को कुरेद सकते हैं।