धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा पर विवाद, भीम आर्मी और हिंदू संगठन आमने-सामने
धीरेंद्र शास्त्री की ‘हिंदू सनातन एकता पदयात्रा 2.0’ शुरू होते ही एमपी के दतिया में बवाल, भीम आर्मी और हिंदू संगठनों में भिड़ंत।
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बागेश्वर धाम को लेकर दतिया में दो गुटों में झड़प, तीन घायल।
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पुतला दहन के दौरान भड़का विवाद, पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
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भीम आर्मी ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर की मांग की।
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जया किशोरी 7 से 16 नवंबर तक पदयात्रा में रहेंगी शामिल।
समग्र समाचार सेवा
दतिया (मध्य प्रदेश), 9 नवंबर: मध्य प्रदेश में बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर फिर से सियासी और सामाजिक टकराव देखने को मिला।
एक तरफ वह कथावाचक जया किशोरी के साथ “हिंदू सनातन एकता पदयात्रा 2.0” निकाल रहे हैं, तो दूसरी ओर दतिया जिले में उनके विरोध में प्रदर्शन हिंसक हो गया।
शनिवार शाम इंदरगढ़ कस्बे में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के समर्थकों ने बागेश्वर बाबा का पुतला फूंकने की कोशिश की।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह समूह अंबेडकर पार्क से रैली निकालकर ग्वालियर चौराहे की ओर बढ़ रहा था। लेकिन तय स्थान से पहले ही जब उन्होंने पुतला जलाया, तो पास में मौजूद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
देखते ही देखते दोनों ओर से नारेबाजी और पथराव शुरू हो गया। पुलिस को हालात संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस झड़प में तीन लोग घायल हुए और कई वाहनों के शीशे टूट गए।
तनाव यहीं नहीं थमा। बाद में भीम आर्मी के कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर की मांग करने लगे। उनका आरोप था कि विरोध के दौरान उन्हें जातिगत टिप्पणियाँ सुननी पड़ीं।
थाने से लौटते वक्त दोनों गुटों का फिर आमना-सामना हुआ और माहौल दोबारा बिगड़ गया।
उधर, जया किशोरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि “मुझे गर्व है कि बागेश्वर धाम के बाबा एक बार फिर सनातन धर्म के लिए यात्रा निकाल रहे हैं। मैं 7 से 16 नवंबर तक इस यात्रा का हिस्सा रहूंगी।”
वहीं, दतिया के सनातन संगठन के अध्यक्ष शिरोमणि सिंह राठौर ने बयान दिया, “हम किसी भी संत का अपमान नहीं होने देंगे, चाहे कोई भी संगठन विरोध करे।”
फिलहाल पुलिस ने पूरे कस्बे में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और शांति बनाए रखने की अपील की है।