मेटा AI में बड़ी छंटनी: 600 कर्मचारियों को निकाला, क्या है जुकरबर्ग का प्लान?
कंपनी ने AI यूनिट में 600 लोगों को बाहर निकाला। जानें क्यों हो रही यह छंटनी और मार्क जुकरबर्ग OpenAI और Google से कैसे मुकाबला कर रहे हैं।
- मेटा (Meta) ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिट से लगभग 600 कर्मचारियों की छंटनी की।
- कंपनी ने लेयर्स को कम करने और कार्यप्रणाली को तेज करने के लिए यह फैसला लिया है, क्योंकि AI यूनिट में अत्यधिक कर्मचारियों के कारण चुनौतियाँ आ रही थीं।
- छंटनी वाले कर्मचारियों को 21 नवंबर तक नॉन-वर्किंग नोटिस पीरियड पर रखा गया है और उन्हें कंपनी में ही दूसरा काम खोजने का मौका दिया गया है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर: Facebook, Instagram और WhatsApp की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिट में एक बड़ा फेरबदल करते हुए लगभग 600 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह छंटनी ऐसे समय में हुई है जब कंपनी OpenAI और Google जैसे दिग्गजों को टक्कर देने के लिए AI के क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश कर रही है और सुपर इंटेलिजेंस लैब के लिए बड़े पैमाने पर नियुक्तियाँ कर रही है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि इस कदम का उद्देश्य कंपनी की कार्यप्रणाली को तेज करना और संगठनात्मक परतों (Organizational Layers) को कम करना है।
क्यों हो रही है यह छंटनी?
मामले से जुड़े सूत्रों और कंपनी के आंतरिक मेमो (Memo) के अनुसार, छंटनी की मुख्य वजह AI यूनिट का ओवर-हायरिंग (Over-hiring) होना है।
बड़ी हायरिंग के कारण बढ़ा बोझ
हाल के महीनों में, विशेष रूप से जब मेटा ने अपनी महत्वाकांक्षी सुपर इंटेलिजेंस लैब के लिए नियुक्तियाँ कीं, तो AI यूनिट में कर्मचारियों की संख्या अत्यधिक हो गई थी। विभिन्न टीमों में हुई भारी हायरिंग के कारण टीम काफी बड़ी हो गई थी, जिससे न केवल मेटा AI पर काम का बोझ बढ़ गया था, बल्कि कंपनी को प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा था। इस बोझ को कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए छंटनी का फैसला लिया गया है।
संगठनात्मक दक्षता बढ़ाना
कंपनी के चीफ AI ऑफिसर अलेक्जेंडर वांग (Alexander Wang) की ओर से जारी मेमो में भी छंटनी का कारण ‘लेयर्स को कम करके काम को तेज करना’ बताया गया है। मेटा, जो पहले से ही लागत में कटौती और दक्षता पर ध्यान केंद्रित कर रही है, अब अपनी AI टीमों में भी यही सिद्धांत लागू करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य एक स्लिम (Slim) और अधिक फुर्तीली (Agile) टीम बनाना है जो तेजी से बदलते AI परिदृश्य में प्रतिस्पर्धा कर सके।
रणनीतिक बदलाव पर ज़ोर
मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) की अगुवाई वाली मेटा, AI को लेकर अपनी रणनीति में तेजी से बदलाव कर रही है। वह जनरेटिव AI (Generative AI) और बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models) पर भारी निवेश कर रहे हैं। इस छंटनी का असर कंपनी की AI इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट्स, फंडामेंटल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च यूनिट और प्रोडक्ट संबंधित कुछ पोजीशनों पर पड़ेगा। हालांकि, TBD Labs जैसी टॉप टियर AI कर्मचारियों वाली टीमों पर इसका असर नहीं होगा। यह दिखाता है कि कंपनी महत्वपूर्ण रणनीतिक AI प्रोजेक्ट्स पर अपना ध्यान केंद्रित रखना चाहती है।
कर्मचारियों को दिया गया दूसरा मौका
जिन 600 कर्मचारियों को निकाला गया है, उन्हें कंपनी ने कुछ राहत भी दी है। उन्हें सूचित किया गया है कि 21 नवंबर कंपनी में उनका अंतिम दिन होगा। इस बीच, वे नॉन-वर्किंग नोटिस पीरियड पर रहेंगे, यानी उन्हें मेटा के लिए कोई काम नहीं करना होगा।
कंपनी ने कर्मचारियों को इस दौरान मेटा के भीतर ही अपने लिए दूसरा काम खोजने का अवसर दिया है। यह कदम दर्शाता है कि मेटा, भले ही संगठनात्मक पुनर्गठन कर रही हो, लेकिन वह अपने प्रतिभाशाली कर्मचारियों को पूरी तरह खोना नहीं चाहती और उन्हें वैकल्पिक भूमिकाओं में समायोजित करने का प्रयास कर रही है। इस छंटनी के बाद Meta Superintelligence Labs में कर्मचारियों की संख्या 3000 से कम हो जाएगी।