भारत ने ट्रंप के पीस प्लान का किया समर्थन, गाजा में शांति की दिशा में बड़े संकेत
ऑस्ट्रेलिया ने भी ट्रंप की योजना का स्वागत करते हुए हमास से बंधकों को तुरंत रिहा करने का आह्वान किया।
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पीएम मोदी ने कहा कि बंधकों की रिहाई के संकेत महत्वपूर्ण कदम हैं और भारत शांति प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।
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ऑस्ट्रेलिया ने भी ट्रंप की योजना का स्वागत करते हुए हमास से बंधकों को तुरंत रिहा करने का आह्वान किया।
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ट्रंप के पीस प्लान में गाजा पर हमलों को तुरंत रोकने और स्थायी युद्धविराम लागू करने का प्रस्ताव शामिल है।
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इजरायल ने योजना के पहले चरण के कार्यान्वयन के लिए अपनी सहमति व्यक्त की, जिसमें बंधकों की रिहाई शामिल है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तुत पीस प्लान के बाद गाजा में शांति की दिशा में सकारात्मक संकेत देखने को मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि बंधकों की रिहाई के संकेत महत्वपूर्ण हैं और यह कदम न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की दिशा में बढ़ावा देता है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बंधकों की रिहाई के संकेत एक बड़ा कदम हैं। भारत टिकाऊ और न्यायपूर्ण शांति के सभी प्रयासों का मजबूती से समर्थन करता रहेगा।”
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी ट्रंप की योजना का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हमास को तुरंत हथियार डालकर शेष बंधकों को रिहा करना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर युद्ध समाप्ति और न्यायपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयास जारी रखेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि हमास स्थायी शांति की दिशा में तैयार है। उन्होंने इजरायल से गाजा पर हमलों को तुरंत रोकने का आह्वान किया। योजना के अनुसार, स्थायी युद्धविराम लागू होने के 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों की रिहाई की जाएगी। इसके बदले में 2,000 से अधिक फिलिस्तीनी बंदियों और मारे गए गाजावासियों के शव सौंपे जाएंगे।
इजरायल ने भी ट्रंप की योजना के पहले चरण के कार्यान्वयन की सहमति दी है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि योजना के तहत बंधकों की रिहाई के लिए इजरायल तैयार है।
इस पहल के बाद वैश्विक स्तर पर शांति प्रयासों में सकारात्मक प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है।