- प्रो कबड्डी में आमंत्रण: डॉ. कुलदीप कुमार गुप्ता को प्रो कबड्डी लीग सीजन 12 में तकनीकी समिति के सदस्य के रूप में आमंत्रित किया गया है।
- अंतर्राष्ट्रीय अनुभव: उन्होंने 14वें, 16वें और 19वें एशियाई खेलों में तकनीकी प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया है।
- युवाओं के लिए प्रेरणा: उनकी यह उपलब्धि जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पूरे देश के युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
समग्र समाचार सेवा
जम्मू, 10 सितंबर 2025: जम्मू-कश्मीर एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन के महासचिव और एशियन कबड्डी फेडरेशन के तकनीकी निदेशक डॉ. कुलदीप कुमार गुप्ता को प्रो कबड्डी लीग सीजन 12 में आमंत्रित किया गया है। उन्हें इस प्रतिष्ठित लीग की तकनीकी समिति का सदस्य बनाया गया है। डॉ. गुप्ता 12 सितंबर, 2025 से जयपुर में शुरू होने वाले इस आयोजन में भाग लेने के लिए 12 सितंबर को जम्मू से रवाना होंगे। उनकी यह नियुक्ति उनके लंबे और गौरवपूर्ण करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
एक दशक का अनुभव, कबड्डी में सर्वोच्च पद
डॉ. कुलदीप कुमार गुप्ता का नाम कबड्डी के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम है। जम्मू-कश्मीर एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन के महासचिव और एशियन कबड्डी फेडरेशन के तकनीकी निदेशक के रूप में उनकी भूमिका ने उन्हें खेल के तकनीकी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं में एक विशेषज्ञ बना दिया है। प्रो कबड्डी लीग में उनकी नियुक्ति उनके ज्ञान और अनुभव का एक बड़ा सम्मान है, जिसे देश की सबसे प्रतिष्ठित पेशेवर खेल लीगों में से एक माना जाता है। इस लीग में भाग लेना किसी भी खिलाड़ी या अधिकारी के लिए एक बड़ा सम्मान होता है।
इस साल अक्टूबर में बहरीन में होने वाले तीसरे एशियाई युवा खेलों में भी डॉ. गुप्ता को तकनीकी प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है, जो उनकी लगातार बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है। इससे पहले, उन्होंने कई बड़े अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने चीन के हांगझोऊ में 19वें एशियाई खेलों (2023), चीन के ग्वांगझोऊ में 16वें एशियाई खेलों (2010) और कोरिया के बुसान में 14वें एशियाई खेलों (2002) में भी तकनीकी प्रतिनिधि के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।
एशियाई खेलों के अलावा, डॉ. गुप्ता ने राष्ट्रीय खेलों में भी कई बार तकनीकी अधिकारी और जूरी सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। उनका यह लंबा और बहुआयामी अनुभव उन्हें प्रो कबड्डी लीग की तकनीकी समिति के लिए एक आदर्श उम्मीदवार बनाता है। यह समिति खेल के नियमों, निष्पक्षता और मानकों को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होती है।
डॉ. गुप्ता की यह सफलता जम्मू-कश्मीर के खेल समुदाय के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है। उनका यह सफर दर्शाता है कि प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर छोटे शहरों से भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत रूप से डॉ. गुप्ता के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर लाने में भी मदद करेगी।
यह देखना उत्साहजनक है कि भारत में खेलों का विकास केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और राज्यों के भी प्रतिभावान लोग अब आगे आ रहे हैं। डॉ. गुप्ता जैसे अनुभवी पेशेवरों की भागीदारी से प्रो कबड्डी लीग जैसे आयोजन और अधिक सफल और निष्पक्ष बन पाएंगे।