उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले एनडीए सांसदों का डिनर रद्द

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  • डिनर पार्टी रद्द: उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले पीएम आवास पर होने वाला एनडीए सांसदों का रात्रिभोज रद्द कर दिया गया है।
  • बाढ़ बनी वजह: पार्टी ने आधिकारिक तौर पर उत्तर भारत के राज्यों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया है।
  • रणनीति पर चर्चा: यह डिनर पार्टी उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले एनडीए नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक मानी जा रही थी।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 7 सितंबर 2025: 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उसके सहयोगी दलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर आयोजित होने वाला रात्रिभोज अचानक रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला उत्तर भारत के कई राज्यों में आई भीषण बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लिया गया है। इस डिनर का आयोजन चुनाव से एक दिन पहले यानी 8 सितंबर को किया जाना था, जिसे एनडीए के सांसदों की एकजुटता दिखाने और चुनाव से पहले रणनीति पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा था।

उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी गठबंधन ने बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है। हालांकि, संख्या बल स्पष्ट रूप से एनडीए के पक्ष में है, फिर भी प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सांसदों को एकजुट करने और यह सुनिश्चित करने के लिए यह डिनर आयोजित किया था कि कोई भी क्रॉस-वोटिंग न हो।

इससे पहले, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर भी 6 सितंबर को बीजेपी सांसदों के लिए एक डिनर का आयोजन किया गया था, जिसे भी बाढ़ के कारण रद्द कर दिया गया। ये दोनों कार्यक्रम बीजेपी की उस रणनीति का हिस्सा थे, जिसका उद्देश्य उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले अपने सांसदों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं के माध्यम से एकजुटता सुनिश्चित करना था।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पंजाब और अन्य उत्तर भारतीय राज्य बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। इस प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर, यह निर्णय लिया गया कि उत्सव का माहौल बनाने के बजाय, पार्टी को लोगों के दुख के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी बाढ़ से हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की है।

राजनीतिक गलियारों में इस अचानक रद्द किए गए डिनर को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल बाढ़ का बहाना है और असली वजह कुछ और हो सकती है। हालांकि, बीजेपी ने इस बात पर जोर दिया है कि फैसला पूरी तरह से मानवीय आधार पर लिया गया है।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “यह समय जश्न मनाने का नहीं है, बल्कि देश के उन लोगों के साथ खड़े होने का है जो प्राकृतिक आपदा से पीड़ित हैं। हमारे लिए लोगों का दुख सबसे ऊपर है, और यह फैसला इसी संवेदनशीलता को दर्शाता है।”

यह घटना दर्शाती है कि राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति अब केवल चुनाव जीतने या हारने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक धारणा और संकट के समय संवेदनशीलता दिखाने के बारे में भी है। बीजेपी का यह कदम एक मजबूत राजनीतिक संदेश देता है कि वह आपदा के समय लोगों के साथ खड़ी है।

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग 9 सितंबर को होगी, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य भाग लेंगे। दोनों सदनों में कुल 782 सदस्य हैं। इस चुनाव में जीत के लिए 392 वोटों की आवश्यकता है, और एनडीए के पास 426 से अधिक सांसदों का समर्थन है। इसलिए, तकनीकी रूप से एनडीए उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है।

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