किसानों पर टैक्स लगाकर जश्न मना रही सरकार: खड़गे
कांग्रेस ने जीएसटी 2.0 पर उठाए सवाल, कहा- ये 'गब्बर सिंह टैक्स' है
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जीएसटी दरों में कटौती के फैसले पर मोदी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार पहली बार किसानों पर टैक्स लगा रही है।
- खड़गे ने जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बताते हुए आरोप लगाया कि देश के कुल जीएसटी राजस्व का दो-तिहाई हिस्सा गरीब और मध्यम वर्ग से आता है।
- उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने ‘एक राष्ट्र, एक कर’ को ‘एक राष्ट्र, 9 टैक्स’ में बदल दिया था, और अब 8 साल की देरी के बाद इसमें सुधार कर रही है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 04 सितंबर 2025: हाल ही में जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में कई बड़े बदलाव किए गए, जिसके तहत कई रोजमर्रा के सामानों पर टैक्स घटा दिया गया। हालांकि, इस फैसले का जहां भाजपा जश्न मना रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बयान में कहा कि मोदी सरकार देश के इतिहास में पहली बार किसानों पर कर लगा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र की कम से कम 36 वस्तुओं पर जीएसटी लगाया है, और अब कुछ चीजों पर दर कम करके इसका जश्न मना रही है, मानो यह कोई बड़ी उपलब्धि हो।
खड़गे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करके बताया कि कैसे सरकार ने दूध, दही, आटा, अनाज और बच्चों की पेंसिल जैसी जरूरी चीजों पर भी टैक्स लगाया। उन्होंने इस कर व्यवस्था को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ नाम दिया, जिसकी शुरुआत कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार, जो जीएसटी संग्रह का जश्न मना रही है, वह वास्तव में आम लोगों से जबरन कर वसूल रही है।
जीएसटी में हुई देरी पर सवाल
कांग्रेस ने जीएसटी में किए गए बदलावों को ‘स्वागत योग्य’ तो बताया, लेकिन साथ ही इसे लागू करने में हुई देरी पर भी सवाल उठाए। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि ये बदलाव ‘आठ साल की देरी’ से हुए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने भी कहा कि उनकी पार्टी पिछले एक दशक से जीएसटी के सरलीकरण की मांग कर रही थी, लेकिन सरकार ने उस पर ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने ‘वन नेशन, वन टैक्स’ को ‘वन नेशन, नाइन टैक्सेस’ में बदल दिया था, जिसमें 0%, 5%, 12%, 18% और 28% के साथ कई विशेष दरें भी शामिल थीं। खड़गे ने दावा किया कि जीएसटी से होने वाले कुल राजस्व का 64% हिस्सा गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों से आता है, जबकि अरबपतियों से केवल 3% ही वसूला जाता है।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि वह जीएसटी की जटिल प्रक्रियाओं को भी खत्म करे ताकि छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को भी इसका फायदा मिल सके। इसके अलावा, कांग्रेस ने सभी राज्यों को जीएसटी में कमी के कारण होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए पांच साल का मुआवजा देने की भी मांग की है।