पीएम मोदी के लिए आपत्तिजनक बयान देने वाला युवक दरभंगा से गिरफ्तार
पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी: बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान आरोपी गिरफ्तार, बीजेपी का हमला जारी
- ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले शख्स को दरभंगा पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- आरोपी की पहचान मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा के रूप में हुई है, जो सिंहवाड़ा के भाउरा गांव का रहने वाला है।
- बीजेपी नेताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की, जिससे बिहार की राजनीति में एक बार फिर बवाल मच गया है।
समग्र समाचार सेवा
दरभंगा, 29 अगस्त 2025: बिहार में चल रही ‘वोटर अधिकार यात्रा’ एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के लिए आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करने वाले शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे ‘घृणा की राजनीति’ करार देते हुए जोरदार हमला बोला था। बीजेपी की शिकायत के बाद दरभंगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा।
आपत्तिजनक वीडियो और पुलिस कार्रवाई
यह पूरा मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक शख्स मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहा था। यह मंच कथित तौर पर दरभंगा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के स्वागत के लिए लगाया गया था। वीडियो के वायरल होते ही बीजेपी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। बीजेपी के एक नेता, कृष्ण कुमार सिंह ने पटना के गांधी मैदान थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दरभंगा पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद दरभंगा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक टीम गठित की गई।
पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस की जांच में पता चला कि वीडियो में दिख रहा शख्स दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भाउरा गांव का रहने वाला मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा है। पुलिस ने आरोपी की पहचान की पुष्टि करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने ही मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ विवादित बयान दिए थे। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब बिहार में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है और लोकसभा चुनाव नजदीक हैं। बीजेपी ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया है और विपक्ष पर राजनीतिक मर्यादा को तार-तार करने का आरोप लगाया है।
बीजेपी और एनडीए का हमला
इस गिरफ्तारी के बाद बीजेपी ने इसे अपनी शिकायत का परिणाम बताया है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि यह विपक्षी दलों की बौखलाहट है, जो उनके नेताओं की यात्राओं के दौरान इस तरह की अभद्र टिप्पणियां करा रही हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और अन्य बीजेपी नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि यह सिर्फ पीएम मोदी का नहीं, बल्कि पूरे देश की माताओं का अपमान है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आरजेडी जानबूझकर ऐसे लोगों को मंच दे रही हैं, ताकि राजनीतिक माहौल को खराब किया जा सके। इस मामले में बीजेपी के सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी निंदा की थी और कहा था कि जनता इस अपमान का बदला लेगी।
राजनीतिक बहस और चुनावी मुद्दा
यह घटना बिहार की राजनीति में एक नया मुद्दा बन गई है। जहां एक ओर बीजेपी इसे एक भावनात्मक और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बनाकर जनता के बीच भुनाने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष पर दबाव बढ़ गया है कि वह ऐसे तत्वों से अपनी दूरी बनाए। आरजेडी और कांग्रेस ने अभी तक इस मामले पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है, लेकिन बीजेपी लगातार उन पर हमलावर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं आगामी चुनावों में प्रमुख मुद्दा बन सकती हैं, जहाँ बीजेपी इसे अपने राष्ट्रवाद और सम्मान की राजनीति से जोड़कर पेश कर सकती है। यह घटना न केवल राजनीतिक मर्यादा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि चुनावी माहौल में कैसे व्यक्तिगत हमले हावी हो जाते हैं। जनता को यह तय करना होगा कि वे किस तरह की राजनीति को स्वीकार करते हैं।