समग्र समाचार सेवा
कर्नूल, आंध्र प्रदेश 25 जून -तेलंगाना के गडवाल निवासी 26 वर्षीय तेजेश्वर की हत्या की सनसनीखेज साजिश ने पूरे आंध्र प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला न सिर्फ भरोसे और रिश्तों की नींव पर सवाल उठाता है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे पढ़ी-लिखी नई पीढ़ी भावनात्मक नियंत्रण खोकर अपराध की ओर बढ़ रही है।
तेजेश्वर की शादी महज एक महीने पहले, 18 मई को कर्नूल निवासी 23 वर्षीय ऐश्वर्या से हुई थी। परिवार वालों के अनुसार शादी के तुरंत बाद ही ऐश्वर्या के व्यवहार में बदलाव देखने को मिला। वह घंटों फोन पर बात करती और पति से भावनात्मक रूप से कटी-कटी रहती। पहले माना गया कि वह अपने परिवार से बात करती है, लेकिन बाद में शक गहराने लगा कि वह किसी गैर मर्द के साथ संबंध में है।
खौफनाक साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ऐश्वर्या का प्रेम संबंध तिरुमल राव नामक एक विवाहित बैंक मैनेजर से था, जो उसी बैंक में काम करता था जहां ऐश्वर्या की मां सुजाता सफाईकर्मी थी। ऐश्वर्या कुछ समय के लिए अपनी मां की जगह बैंक में काम करने गई थी, वहीं से यह रिश्ता शुरू हुआ। हैरानी की बात यह है कि राव का शारीरिक संबंध ऐश्वर्या और उसकी मां दोनों से था।
हत्या की योजना भी इन तीनों ने मिलकर बनाई। 18 जून को एक भूमि सर्वेक्षण के बहाने तेजेश्वर को कर्नूल बुलाया गया। वहां कार में बैठे तेजेश्वर का पहले गला रेत दिया गया और फिर पेट में चाकू घोंपा गया। हत्या के बाद उसका शव नहर में फेंक दिया गया और वीडियो कॉल पर शव को तिरुमल राव को दिखाया गया।
डिजिटल सबूतों ने खोली पोल
पुलिस ने ऐश्वर्या और तिरुमल राव के बीच फरवरी से जून के बीच 2000 से अधिक कॉल रिकॉर्ड किए। राव ने अपनी पत्नी को भी मारने की योजना बनाई थी और हत्या के बाद ऐश्वर्या के साथ लद्दाख भागने के लिए 20 लाख रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन उसका पूरा प्लान सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल के कारण फेल हो गया।
8 लोग गिरफ्तार, पूर्व पुलिसकर्मी भी शामिल
पुलिस ने इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ऐश्वर्या, उसकी मां सुजाता, तिरुमल राव और राव के सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी पिता शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक श्रीनिवास ने पुष्टि की कि हत्या कार के अंदर की गई थी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है।
यह मामला समाज को एक गंभीर संदेश देता है कि भावनाओं पर नियंत्रण न होने पर कैसे शिक्षित लोग भी हैवानियत की हद पार कर सकते हैं। विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को छल और लालच से कलंकित करने वाले इस अपराध की हर स्तर पर निंदा की जा रही है।