दिल्ली में आप के बाद, केरल में CPM बनी दूसरी पार्टी जिस पर ED ने दाखिल की चार्जशीट करुवन्नूर को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में 8 CPM नेता नामजद, जिनमें सांसद और पूर्व मंत्री भी शामिल

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समग्र समाचार सेवा तिरुवनंतपुरम | 27 मई 2025 प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल की सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) को तिरुवनंतपुरम ,27 मई  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल की सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में आरोपी बनाया है। यह मामला 2021 के करुवन्नूर को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले से जुड़ा है। सोमवार को कोच्चि की एक विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में पार्टी के साथ-साथ उसके आठ नेताओं को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें लोकसभा सांसद के. राधाकृष्णन, पूर्व राज्य मंत्री ए. सी. मोइथीन और त्रिशूर के पूर्व जिला सचिव एम. एम. वर्गीज प्रमुख हैं।

यह दूसरा मौका है जब किसी राजनीतिक दल को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत आरोपी बनाया है। इससे पहले दिल्ली की आम आदमी पार्टी को शराब नीति घोटाले में आरोपी बनाया गया था।

चार्जशीट के अनुसार, घोटाले में कुल 180 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई थी और अब तक कुल 83 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि CPI(M) नेताओं ने अपनी पार्टी के लिए इन अवैध ऋणों से धन एकत्र किया, जिसे पार्टी कार्यालयों, चुनावी सभाओं और संपत्ति खरीदने जैसे कार्यों में खर्च किया गया।

चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि पार्टी के जिला सचिव के रूप में कार्यरत रहते हुए के. राधाकृष्णन, मोइथीन और वर्गीज ने अवैध ऋण वितरण में मदद की। एक बैंक कर्मचारी बीजू एम. के. ने अदालत के समक्ष स्वीकार किया कि पार्टी के जिला पदाधिकारियों ने बैंक पर दबाव डालकर अवैध ऋण दिलवाया और उनसे पार्टी फंड के लिए “कमीशन” वसूला।

चार्जशीट के अनुसार, CPI(M) ने हर जिले में गुप्त खाते बनाए हुए थे और अवैध रूप से अर्जित धन का उपयोग पार्टी की गतिविधियों में किया जाता था। इसके चलते पार्टी को मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम की धारा 3 के तहत दोषी बताया गया है, जिसकी सजा धारा 4 के तहत निर्धारित है।

पार्टी के प्रदेश सचिव एम. वी. गोविंदन ने इन आरोपों को “राजनीतिक साजिश” बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले ही दोषी पाए गए कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है और अब ED झूठ फैलाकर पार्टी नेताओं को फंसा रही है। उन्होंने कहा, “केरल की जनता इसका जवाब देगी।”

वहीं कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला ने सवाल उठाया कि आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और CPM के बीच त्रिशूर में कोई “गुप्त समझौता” हुआ है, जहां पिछली बार भाजपा ने लोकसभा सीट जीती थी। उन्होंने कहा, “भाजपा, ED केस के जरिए CPM को ब्लैकमेल कर रही है।”

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