समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30 जुलाई। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने शुक्रवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि मणिपुर हिंसा में विदेशी एजेंसियों की संलिप्तता से ‘इनकार नहीं किया जा सकता’ है. साथ ही उन्होंने ‘विभिन्न विद्रोही समूहों को चीनी सहायता’ मिलने की भी बात को रेखांकित किया. जनरल (सेवानिवृत्त) नरवणे ने कहा कि सीमावर्ती राज्यों में अस्थिरता देश की समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है. वह इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मणिपुर हिंसा से संबंधित पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे.
चीन करता है उग्रवादियों को मदद
जनरल (सेवानिवृत्त) नरवणे ने कहा, ‘मुझे पूरा यकीन है कि जो लोग जिम्मेदार पदों पर आसीन हैं और आवश्यक कार्रवाई करने की जिनकी जवाबदेही है, वे बेहतर ढंग से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं. मणिपुर हिंसा में विदेशी एजेंसियों का हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता. एक और बात जो मैं खासतौर पर कहूंगा कि विभिन्न उग्रवादी संगठनों को चीन की ओर से सहायता मिलती है. उग्रवादी संगठनों को चीन की मदद कई वर्षों से मिल रही है और यह अब तक जारी है.’