आज के बाद नहीं होगी लक्ष्मी विलास बैंक के शेयर की ट्रेडिंग

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26नवंबर।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लक्ष्मी विलास बैंक को सिंगापुर की डीबीएस (DBS Bank) के साथ विलय को मंजूरी मिल गई. यह विलय शुक्रवार यानी 27 नवंबर को होगा. जिसकी वजह से 26 नवंबर के बाद शेयर बाजारों में लक्ष्मी विलास बैंक के शेयर्स की ट्रेडिंग नहीं होगी. इसको सस्पेंड कर दिया गया है।

बता दें, लक्ष्मी विलास बैंक का डीबीएस बैंक के साथ विलय होने से बैंक पर लागू मोरेटोरियम पीरियड 16 दिसंबर से घटकर 27 नवंबर तक रह गया है. यानी 27 नवंबर से लक्ष्मी विलास बैंक के कस्टमर्स जितना चाहें उतना पैसा निकाल सकेंगे।

डीबीएस बैंक के साथ लक्ष्मी विलास बैंक का विलय होने से ग्राहकों पर लगी 25 हजार रुपये निकालने की लिमिट खत्म हो जाएगी. बैंक के जमाकर्ता जितना पैसा चाहें, उतना निकाल सकेंगे. इससे बैंक के 20 लाख ग्राहकों को राहत मिलेगी. साथ ही लक्ष्‍मी विलास बैंक का नाम बदलकर डीबीएस हो जाएगा. लक्ष्मी विलास बैंक के सभी ब्रांच और एटीएम (ATM) शुक्रवार से ही डीबीएस बैंक के नाम से ऑपरेट होंगे।

कंपनी के शेयर्स पूरी तरह से हो जाएंगे खत्म

बैंक के विलय के बाद लक्ष्मी विलास बैंक का जो भी पेड अप शेयर कैपिटल यानी मतलब है कंपनी के कुल शेयर है, उसे पूरी तरह राइट-ऑफ कर दिया जाएगा. वह पूरी तरह से खत्म हो जाएगा. इसका घाटा लक्ष्मी विकास बैंक के इक्विटी शेयर होल्डर्स को होगा.

RBI के मुताबिक, अभी LVB का नेटवर्थ निगेटिव में है. ऐसे में इस विलय से बैंक के इक्विटी शेयर होल्डर्स को कोई पैसा नहीं मिलेगा और बैंक की वैल्यू जीरो मानी जाएगी. RBI ने कहा कि बैंक के पेड अप शेयर कैपिटल और रिजर्व के साथ सरप्लस और सिक्योरिटी प्रीमियर को भी राइट ऑफ किया जाएगा।

गौरतलब है कि लक्ष्मी विलास बैंक को मोरेटोरियम पर डालने के समय बैंक के एक सेयर की कीमत 16 रुपये थी।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.