असम में वायुसेना कर्मचारी गिरफ्तार पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क का खुलासा
सुरक्षा में सेंध और मौन प्रभाव—भारत के लिए चेतावनी का समय
पूनम शर्मा
भारत की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें भारतीय वायुसेना के एक नागरिक कर्मचारी को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी पर संवेदनशील रक्षा सूचनाएं पाकिस्तान के हैंडलर्स को लीक करने का आरोप है। यह मामला न केवल सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि देश में सक्रिय जासूसी नेटवर्क की गहराई को भी उजागर करता है।
राजस्थान इंटेलिजेंस द्वारा की गई इस कार्रवाई की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई थी, जब जैसलमेर निवासी एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने कुछ अहम खुलासे किए, जिनसे जांच एजेंसियों को एक बड़े नेटवर्क का संकेत मिला। इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए जांच अधिकारियों ने सुमित कुमार नामक व्यक्ति तक पहुंच बनाई, जो इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
सुमित कुमार, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का निवासी है, असम के डिब्रूगढ़ जिले स्थित चाबुआ वायुसेना स्टेशन में मल्टी-टास्किंग स्टाफ के रूप में कार्यरत था। जांच में सामने आया है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वायुसेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियों तक पहुंच बनाई और उन्हें बाहरी एजेंसियों के साथ साझा किया। यह जानकारी कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संपर्कों तक पहुंचाई गई।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार के अनुसार, यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित जासूसी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसे लोग सक्रिय हैं या नहीं।
इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। खासकर रक्षा प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच और निगरानी को और अधिक सख्त करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के साथ जासूसी के तरीके भी बदल रहे हैं, जिससे खतरे और अधिक जटिल हो गए हैं।
फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है और उससे और भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है और आने वाले दिनों में इसमें और बड़े खुलासे हो सकते हैं।