18 मार्च दैनिक राशिफल एवं आज का पंचांग

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🐏मेष
रुका हुआ धन मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। स्वयं के ही प्रयासों से जनप्रियता एवं मान-सम्मान मिलेगा। रुका काम समय पर पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा, नई योजनाएं बनेंगी।

🐂वृष
वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम न लें। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें। भूल करने से विरोधी बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र का विकास एवं विस्तार होगा। उपहार मिल सकता है। संतान की चिंता दूर होगी। अप्रत्याशित खर्च होंगे। तनाव रहेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें।

👫मिथुन
अप्रत्याशित लाभ होगा। यात्रा होगी। व्यावसायिक अथवा निजी काम से सुखद यात्रा हो सकती है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। दूसरों से न उलझें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। वरिष्ठ जन सहायता करेंगे।

🦀कर्क
तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। बाहरी सहायता से काम होंगे। ईश्वर में रुचि बढ़ेगी। कामकाज की अनुकूलता रहेगी। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। पूंजी संचय की बात बनेगी।

🐅सिंह
घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्यों में विलंब से चिंता होगी। मानसिक उद्विग्नता रहेगी। पारिवारिक जीवन संतोषप्रद रहेगा।

🙍‍♀️कन्या
संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य के विस्तार की योजनाएं बनेंगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी।

⚖️तुला
वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रोजगार बढ़ेगा। सतर्कता से कार्य करें। संतान के व्यवहार से सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। आर्थिक तंगी रहेगी।

🦂वृश्चिक
चोट व रोग से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। दूसरों पर विश्वास हानि देगा। कार्य में बाधा होगी। पत्नी से आश्वासन मिलेगा। स्वयं के निर्णय लाभप्रद रहेंगे। मानसिक संतोष, प्रसन्नता रहेगी। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। दूसरों की नकल न करें।

🏹धनु
घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्य पूर्ण होंगे। आय बढ़ेगी। मनोरंजक यात्रा होगी। प्रसन्नता रहेगी। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है।

🐊मकर
शोक समाचार मिल सकता है। काम में मन नहीं लगेगा। विवाद से बचें। मेहनत अधिक होगी। आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएंगे। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा।

🍯कुंभ
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। लाभदायक समाचार मिलेंगे। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।

🐟मीन
पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न लें। लाभ होगा। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं। नई योजनाओं की शुरुआत होगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

💮💐📿🐟🌺🪻🙏🦚🌸🥀
दिनाँक:-18/03/2026,बुधवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष,
चैत्र
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——-‐– चतुर्दशी 08:25:02 तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र—- पूर्वाभाद्रपदा 29:20:23
योग———–‐– शुभ 28:00:21
करण———- शकुनी 08:25:01
करण———चतुष्पद 19:42:48
वार———————— बुधवार
माह————————– चैत्र
चन्द्र राशि—– कुम्भ 23:35:18
चन्द्र राशि—————— मीन
सूर्य राशि——————- मीन
रितु————————- वसंत
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर—————— विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर) ————-सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————– 5126

वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:26:52
सूर्यास्त—————- 18:28:00
दिन काल‐———— 12:01:07
रात्री काल————- 11:57:45
चंद्रास्त—————- 17:54:31
चंद्रोदय————— 30:21:32

लग्न —- मीन 3°13′ , 333°13′

सूर्य नक्षत्र———— पूर्वाभाद्रपदा
चन्द्र नक्षत्र————पूर्वाभाद्रपदा
नक्षत्र पाया——————- ताम्र

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

से—- पूर्वाभाद्रपदा 11:59:22

सो—- पूर्वाभाद्रपदा 17:48:20

दा—- पूर्वाभाद्रपदा 23:35:18

दी—- पूर्वाभाद्रपदा 29:20:23

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= मीन 03°10 , पूoफाo 4 दी
चन्द्र= कुम्भ 20°30 , पूo भाo 1 से
बुध = कुम्भ 14°52 ‘ शतभिषा 3 सी
शु क्र= मीन 20°05, रेवती 2 दो
मंगल= कुम्भ 17°03 शतभिषा 4 सू
गुरु= मिथुन 20°33 पुनर्वसु, 1 के
शनि=मीन 09°13 ‘ उoभा o , 2 थ
राहू=(व) कुम्भ 13°59 शतभिषा, 3 सी
केतु= (व) सिंह 13°59 पूoफाo 1 मो
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 12:27 – 13:58 अशुभ
यम घंटा 07:57 – 09:27 अशुभ
गुली काल 10:57 – 12:27 अशुभ
अभिजित 12:03 – 12:51 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:03 – 12:51 अशुभ
वर्ज्यम 12:23 – 13:56 अशुभ
प्रदोष 18:28 – 20:54 शुभ

🚩पंचक अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

लाभ 06:27 – 07:57 शुभ
अमृत 07:57 – 09:27 शुभ
काल 09:27 10:57 अशुभ
शुभ 10:57 – 12:27 शुभ
रोग 12:27 – 13:58 अशुभ
उद्वेग 13:58 – 15:28 अशुभ
चर 15:28 16:58 शुभ
लाभ 16:58 18:28 शुभ

🚩चोघडिया, रात

उद्वेग 18:28 – 19:58 अशुभ
शुभ 19:58 – 21:27 शुभ
अमृत 21:27 – 22:57 शुभ
चर 22:57 24:27* शुभ
रोग 24:27* – 25:57* अशुभ
काल 25:57*27:26* अशुभ
लाभ 27:26* – 28:56* शुभ
उद्वेग 28:56* – 30:26* अशुभ

💮होरा, दिन

बुध 06:27 -07:27
चन्द्र 07:27 -08:27
शनि 08:27 -09:27
बृहस्पति 09:27 -10:27
मंगल 10:27- 11:27
सूर्य 11:27 -12:27
शुक्र 12:27- 13:28
बुध 13:28- 14:28
चन्द्र 14:28- 15:28
शनि 15:28- 16:28
बृहस्पति 16:28 -17:28
मंगल 17:28- 18:28

🚩होरा, रात

सूर्य 18:28- 19:28
शुक्र 19:28 -20:28
बुध 20:28- 21:27
चन्द्र 21:27 -22:27
शनि 22:27- 23:27
बृहस्पति 23:27 -24:27
मंगल 24:27-25:27
सूर्य 25:27-26:27
शुक्र 26:27-27:26
बुध 27:26-28:26
चन्द्र 28:2629:26
शनि 29:26-30:26

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

मीन > 06:30 से 07:54 तक
मेष > 07:54 से 09:30 तक
वृषभ > 09:30 से 11:28 तक
मिथुन > 11:28 से 14:54 तक
कर्क > 14:54 से 16:04 तक
सिंह > 16:04 से 18:10 तक
कन्या > 18:10 से 20:30 तक
तुला > 20:30 से 22:52 तक
वृश्चिक > 22:52 से 00:58 तक
धनु > 00:58 से 02:52 तक
मकर > 02:52 से 04:48 तक
कुम्भ > 04:48 से 06:30 तक
=======================

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 14 + 4 + 1 = 34 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

29 + 29 + 5 = 63 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

🚩💮 🚩विशेष जानकारी 🚩💮🚩

*पितृकार्य अमावस्या

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

धर्माख्याने श्मशाने च रोगिणां या मतिर्भवेत् ।
सा सर्वदैव तिष्ठेच्चेत्को न मुच्येत बन्धनात् ।।
।।चाoनीo।।

वह व्यक्ति क्यों मुक्ति को नहीं पायेगा जो निम्न लिखित परिस्थितियों में जो उसके मन की अवस्था होती है उसे कायम रखता है…
जब वह धर्म के अनुदेश को सुनता है.
जब वह स्मशान घाट में होता है.
जब वह बीमार होता है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: कर्मसांख्ययोग अo-5

भोक्तारं यज्ञतपसां सर्वलोकमहेश्वरम्‌।
सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति॥

मेरा भक्त मुझको सब यज्ञ और तपों का भोगने वाला, सम्पूर्ण लोकों के ईश्वरों का भी ईश्वर तथा सम्पूर्ण भूत-प्राणियों का सुहृद् अर्थात स्वार्थरहित दयालु और प्रेमी, ऐसा तत्व से जानकर शान्ति को प्राप्त होता है
॥29॥

—————————————
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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