समग्र समाचार सेवा
गोवा, पणजी 13 मार्च : पणजी में हुए (CCP) चुनावों की मतगणना शुक्रवार सुबह से जारी है और शुरुआती रुझानों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। 30 वार्डों वाले इस नगर निगम के लिए वोटों की गिनती श्याम प्रसाद स्टेडियम में सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई।
प्रारंभिक रुझानों के अनुसार बीजेपी समर्थित पैनल लगभग 15 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है। यह चुनाव स्थानीय राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे राजधानी पनजी की शहरी नीतियों और प्रशासन की दिशा तय होगी।
इस बार चुनाव में कुल 69 उम्मीदवार मैदान में थे, जिन्होंने 48 मतदान केंद्रों पर पारंपरिक बैलेट पेपर के जरिए चुनाव लड़ा। 11 मार्च को हुए मतदान में करीब 69.07 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो स्थानीय निकाय चुनावों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह रही कि वार्ड 23 में सबसे अधिक 81.94 प्रतिशत मतदान हुआ।
चुनाव में बीजेपी समर्थित पैनल का नेतृत्व बाबुश मोनसेराटे कर रहे हैं, जिन्होंने सभी वार्डों में अपने समर्थित उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें मौजूदा मेयर Rohit Monserrate भी शामिल हैं, जो वार्ड नंबर 4 से चुनाव लड़ रहे हैं।
दूसरी ओर, विपक्ष की ओर से काँग्रेस समर्थित उम्मीदवारों और निर्दलीयों ने संयुक्त रूप से चुनौती पेश की है। इस चुनाव में प्रमुख चेहरों में उत्पल परिकर का नाम भी शामिल है, जो विपक्षी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
गौरतलब है कि 2021 में हुए इसी नगर निगम चुनाव में बाबुश मोनसेराटे के नेतृत्व वाले बीजेपी समर्थित पैनल ने भारी जीत दर्ज की थी। उस समय 30 में से 25 वार्डों पर बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी, जबकि बाकी सीटें निर्दलीयों और विपक्ष के खाते में गई थीं। उस जीत ने पनजी नगर प्रशासन में मोनसेराटे गुट की पकड़ मजबूत कर दी थी।
2026 का चुनाव भी उसी राजनीतिक वर्चस्व की अगली कड़ी माना जा रहा है। हालांकि इस बार विपक्ष की एकजुटता और अपेक्षाकृत ज्यादा मतदान ने कुछ वार्डों में मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर शुरुआती रुझान अंतिम नतीजों में भी बरकरार रहते हैं, तो बीजेपी समर्थित पैनल एक बार फिर पनजी नगर निगम पर अपना नियंत्रण कायम रखने में सफल हो सकता है।
अब सभी की नजर अंतिम नतीजों पर टिकी है, जो यह तय करेंगे कि आने वाले वर्षों में पनजी की शहरी नीतियों और विकास योजनाओं की दिशा क्या होगी।