अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस :IFUNA द्वारा वरिष्ठ पत्रकार इंद्राणी सरकार सम्मानित

नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इंद्राणी सरकार सहित 10 महिलाएँ सम्मानित

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 9 मार्च : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में राजधानी के कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया स्थित कुतुब होटल परिसर में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इंडियन फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशन्स (IFUNA) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 10 महिला पत्रकारों को सम्मानित किया गया, जिनमें वरिष्ठ पत्रकार इंद्राणी सरकार का नाम प्रमुखता से शामिल रहा।

IFUNA की वैश्विक भूमिका और आयोजन का महत्व

IFUNA, जो वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशन्स (WFUNA) के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र नेटवर्क से संबद्ध है और ECOSOC के साथ विशेष परामर्शदात्री दर्जा रखता है, हर वर्ष उन महिलाओं को सम्मानित करता है जिन्होंने अपने साहस और बुद्धिमत्ता से समाज में परिवर्तन लाने का काम किया है। इस वर्ष का आयोजन 7 मार्च को आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नेतृत्वकारी भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना था।

जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने की सराहना

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश और मद्रास हाई कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने सम्मानित पत्रकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “समाज में वास्तविक सकारात्मक परिवर्तन और समावेशी विकास तभी संभव है जब महिलाओं की भागीदारी नीति-निर्माण और सूचना प्रसार के उच्चतम स्तर पर हो।” उन्होंने सम्मानित होने वाली महिला पत्रकारों के धैर्य और निष्पक्षता की प्रशंसा की।

वरिष्ठ पत्रकार इंद्राणी सरकार का योगदान

सम्मानित होने वाली पत्रकारों में इंद्राणी सरकार का नाम विशेष रूप से चर्चा में रहा। दो दशकों से अधिक के अनुभव वाली सुश्री सरकार ने अपनी रिपोर्टिंग के माध्यम से महिला अधिकार, मानव तस्करी, और लैंगिक भेदभाव जैसे गंभीर विषयों को मुख्यधारा में स्थान दिलाया है।

उन्होंने न केवल राजनीतिक और खोजी पत्रकारिता में अपनी धाक जमाई है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सामाजिक न्याय और वंचित समुदायों की आवाज भी बुलंद की है। वह वर्तमान में विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ सलाहकार के रूप में जुड़ी हुई हैं और कानूनी जागरूकता अभियानों में भी सक्रिय हैं।

निष्कर्ष

आयोजकों के अनुसार, मीडिया में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने से समाज की संवेदनशीलता बढ़ती है। इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि पत्रकारिता जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में महिलाएँ न केवल सफल हैं, बल्कि वे समाज की दिशा बदलने की क्षमता भी रखती हैं।

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