समग्र समाचार सेवा
दुबई/नई दिल्ली 1 मार्च:मिडल ईस्ट में तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर आ गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के जवाब में ईरान ने खाड़ी के कई शहरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। दुनिया की सबसे ऊंची इमारत, बुर्ज खलीफा के पास एक जोरदार धमाके और काले धुएं का गुबार देखे जाने के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है।
बुर्ज खलीफा के पास क्या हुआ?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और रिपोर्ट के अनुसार, बुर्ज खलीफा के पास एक ईरानी ड्रोन देखे जाने के कुछ ही देर बाद आसमान में धुआं उठता दिखाई दिया। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या 828 मीटर ऊंची इस इमारत को सीधा निशाना बनाया गया था या मिसाइल पास में कहीं गिरी। सुरक्षा कारणों से इस प्रतिष्ठित इमारत को खाली करा लिया गया है। आपको बता दें कि बुर्ज खलीफा की अनुमानित कीमत करीब 1.5 बिलियन डॉलर है और यहाँ रोजाना हजारों पर्यटक आते हैं।
पाम जुमेराह और अन्य इलाकों में भी विस्फोट
दुबई का केवल बुर्ज खलीफा ही नहीं, बल्कि आलीशान ‘पाम जुमेराह’ (Palm Jumeirah) इलाका भी धमाकों की गूंज से दहल उठा। खबरों के अनुसार, वहां एक इमारत में आग लग गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। दुबई मीडिया ऑफिस ने पुष्टि की है कि इस घटना में चार लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, एक वीडियो में ईरान के घातक ‘शाहेद ड्रोन’ (Shahed Drone) को रिहायशी इलाकों के बीच धमाका करते हुए देखा गया है।
क्यों भड़की यह जंग?
तनाव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन को उखाड़ फेंकने के इरादे से ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को जायज ठहराते हुए कहा कि यह अमेरिकी लोगों की रक्षा के लिए जरूरी है। इसके जवाब में ईरान ने अपनी हवाई सीमाएं बंद कर दीं और दुबई, दोहा, अबू धाबी और रियाद जैसे शहरों पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट
दुबई एयरपोर्ट, जो वैश्विक नागरिक उड्डयन का दिल माना जाता है, उसे बंद करना पड़ा है। जानकारों का कहना है कि अगर दुबई जैसे बड़े आर्थिक केंद्र युद्ध की चपेट में आते हैं, तो इसका असर वैश्विक तेल कीमतों और सप्लाई चेन पर बहुत बुरा पड़ेगा।
फिलहाल दुबई प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर अपुष्ट वीडियो साझा न करने की अपील की है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह संघर्ष एक पूर्ण विश्व युद्ध का रूप ले लेगा।