समग्र समाचार सेवा
महाराष्ट्र 26 फरवरी : सरकार के मंत्री Nitesh Rane ने मदरसों को लेकर विवादित बयान दिया है, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान राणे ने कहा कि असम और उत्तर प्रदेश में मदरसों को स्कूलों में बदला गया है और ऐसी पहल पूरे देश में होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में मदरसों का ऑडिट कराया जाना चाहिए और उनकी जगह शिक्षा केंद्र खोले जाने चाहिए। राणे के इस बयान के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
राणे ने दावा किया कि कुछ स्थानों पर मदरसों को “आतंकवादी तैयार करने के अड्डे” के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि उन्होंने किसी विशेष संस्था का नाम नहीं लिया। उनके बयान को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे भड़काऊ बताया है।
इससे पहले असम सरकार द्वारा कुछ मदरसों को नियमित स्कूलों में परिवर्तित किए जाने का फैसला चर्चा में रहा था। इसी संदर्भ में राणे ने महाराष्ट्र में भी समीक्षा की मांग उठाई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान का असर राज्य की राजनीति पर पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब कई राज्यों में शिक्षा और धार्मिक संस्थानों को लेकर बहस तेज है। अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या आधिकारिक रुख अपनाती है।