समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली ,24 फरवरी : दिल्ली पुलिस ने मंगलवार तड़के भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु छिब को उस शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार कर लिया, जो पिछले सप्ताह इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ था। यह गिरफ्तारी सुबह लगभग 4:30 बजे हुई और इसके साथ ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन स्थल पर अचानक अपनी शर्ट उतार दी और नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर सरकार और भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने शर्ट लहराते हुए जोरदार नारे लगाए। यह असामान्य विरोध सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और देशभर में चर्चा का विषय बन गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान छिब ने सहयोग नहीं किया और जाँच को गुमराह करने की कोशिश की। अधिकारियों ने दावा किया कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं जो उन्हें इस प्रदर्शन की योजना और क्रियान्वयन से जोड़ते हैं। इस मामले में यह छठी गिरफ्तारी है, क्योंकि इससे पहले कई युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा चुका है। छिब को आज अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से माफी की माँग की और आरोप लगाया कि विपक्ष ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को बाधित करने के लिए यह नाटक रचा। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इस प्रदर्शन को लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बताया। हालांकि, कुछ नेताओं जैसे प्रियंक खड़गे ने समय को लेकर सवाल उठाए और कहा कि इससे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे पीछे छूट गए।
व्यापक असर
यह घटना सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करती है, खासकर व्यापार और तकनीकी नीतियों को लेकर। एआई सम्मेलन, जिसका उद्देश्य भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता में प्रगति और वैश्विक साझेदारी को प्रदर्शित करना था, राजनीतिक टकराव का मंच बन गया। विश्लेषकों का मानना है कि शर्टलेस प्रदर्शन ने जनता का ध्यान आकर्षित करने में सफलता पाई, लेकिन इसकी शैली ने कुछ मध्यमार्गी समर्थकों को असहज भी किया।
निष्कर्ष
उदय भानु छिब की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि युवा नेताओं और सरकार के बीच तनाव किस हद तक बढ़ चुका है। अदालत की कार्यवाही के साथ ही इस विरोध की प्रतीकात्मकता और इसके राजनीतिक प्रभाव पर बहस और तेज होने की संभावना है। गलत समय पर किया गया प्रदर्शन, शर्टलेस आंदोलन से भारतीय राजनीति का गिरता हुआ स्तर दिखा है ।