समग्र समाचार सेवा
तेलंगाना ,23 फरवरी: तेलंगाना में सियासी हलचल उस समय तेज हो गई जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री Marri Shashidhar Reddy ने राज्य सरकार द्वारा एक विवादित पत्रकार को सम्मानित किए जाने पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) और केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर इस पूरे मामले में सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं उठाईं।
यह विवाद पत्रकार अबू ऐमल उर्फ अक़रम अली मोहम्मद से जुड़ा है। अपने पत्र में शशिधर रेड्डी ने Telangana High Court के हालिया आदेश का हवाला दिया, जिसमें क्षेत्रीय पासपोर्ट प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा आधार पर पासपोर्ट रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया गया था।
भाजपा नेता का दावा है कि खुफिया एजेंसियों ने पत्रकार की गतिविधियों को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं और उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज बताए गए हैं। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि जब पासपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से रद्द किया गया था, तब राज्य सरकार ने कथित तौर पर उन्हें डिजिटल मीडिया में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देने का फैसला कैसे किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री Revanth Reddy से स्पष्ट जवाब मांगते हुए कहा कि इस तरह के सम्मान देने की प्रक्रिया और मानदंड सार्वजनिक किए जाने चाहिए। रेड्डी ने इसे पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा मामला बताया।
अपने पत्र में उन्होंने DGP और केंद्रीय गृह सचिव से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने की मांग की। साथ ही यह भी जानना चाहा कि किन परिस्थितियों में पासपोर्ट रद्द किया गया और उसके बाद संबंधित व्यक्ति को सरकारी सम्मान कैसे प्रदान किया गया।
मामले को व्यापक संदर्भ में जोड़ते हुए शशिधर रेड्डी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में कुछ लोग अनुचित प्रभाव डाल रहे हैं। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने वक्फ संपत्तियों को अतिक्रमण से बचाने में कथित लापरवाही का मुद्दा भी उठाया।
फिलहाल तेलंगाना सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि यह विवाद राज्य की राजनीति में आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना है।