समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 22 फरवरी : भारतीय एआई स्टार्टअप Sarvam AI से जुड़ने वाले एक पूर्व माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। युवक ने बताया कि जब उसने Microsoft जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी की नौकरी छोड़कर भारतीय स्टार्टअप का रुख किया, तब उसके माता-पिता चिंतित थे। हालांकि, हाल ही में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के बाद उनकी चिंता गर्व में बदल गई।
इस कर्मचारी, हरवीन सिंह चड्ढा, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि करीब 10 महीने पहले जब उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़ी थी, तब उनके माता-पिता इस फैसले से खुश नहीं थे। उन्हें भविष्य और करियर की स्थिरता को लेकर चिंता थी। लेकिन समिट के बाद जब वे घर पहुंचे, तो माहौल बदला हुआ था।
हरवीन ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें विभिन्न समाचार चैनलों की रिकॉर्डिंग और अखबारों में छपी खबरें दिखाईं, जिनमें सरवम एआई की उपलब्धियों का उल्लेख था। उनकी मां ने भी गर्व जताते हुए बताया कि उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप्स और पड़ोसियों के बीच कंपनी के बारे में चर्चा की। हरवीन ने इसे “छोटी सी जीत” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि आगे का सफर अभी लंबा है।
सरवम एआई के मॉडल्स को उद्योग जगत में पहचान मिल रही है। कंपनी की तकनीक को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। गूगल के सीईओ Sundar Pichai ने भी भारतीय एआई प्रयासों की सराहना की है, जिससे देश में विकसित तकनीकों को नई विश्वसनीयता मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में एआई स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है। बड़ी कंपनियों में कार्यरत पेशेवर अब नवाचार और स्वदेशी तकनीक के विकास की दिशा में स्टार्टअप्स का रुख कर रहे हैं। हालांकि, ऐसे निर्णयों के साथ जोखिम भी जुड़े होते हैं, जिसके कारण परिवारों की प्रारंभिक चिंता स्वाभाविक है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारतीय तकनीकी कंपनियों को एक मंच दिया, जहां उनके कार्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। हरवीन की कहानी इस बात का उदाहरण है कि कैसे बदलते तकनीकी परिदृश्य में युवा पेशेवर पारंपरिक करियर मार्गों से हटकर नए अवसरों को अपना रहे हैं।
यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की कहानी है, बल्कि भारतीय एआई क्षेत्र में बढ़ते आत्मविश्वास और वैश्विक पहचान का भी संकेत देती है।