समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी,असम 20 फरवरी : असम की राजधानी गुवाहाटी स्थित भाजपा के राज्य कार्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में शुक्रवार को आयोजित एक विशेष सदस्यता कार्यक्रम में तीन सौ से अधिक लोगों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस कार्यक्रम को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में पूर्व क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य और हिंदू जागरण मंच के उत्तर असम के नेता लम्बोदर राभा के नेतृत्व में गोलपाड़ा जिले से बड़ी संख्या में लोग भाजपा में शामिल हुए। इनमें राभा और गारो समुदाय के कई सदस्य शामिल थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और राज्य में चल रही विकास योजनाओं से प्रभावित होकर भाजपा का दामन थामा।
इसके अतिरिक्त, वीर लचित सेना के दो सौ से अधिक कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी की सदस्यता ली। यह सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम स्वराज कश्यप के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जो वीर लचित सेना की गुवाहाटी महानगर जिला इकाई के पूर्व मुख्य सचिव रह चुके हैं। नलबाड़ी, जोरहाट, डिब्रूगढ़ और नगांव सहित कई जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने भाजपा की नीतियों में विश्वास जताते हुए पार्टी में शामिल होने की घोषणा की।
कार्यक्रम का संचालन चुनाव प्रबंधन समिति की जॉइनिंग सेल के प्रमुख बेनुधर नाथ ने किया। इस अवसर पर लोकसभा सांसद एवं चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रदन बरुआ, प्रदेश सचिव अनुप बर्मन तथा प्रदेश उपाध्यक्ष रत्ना सिंह भी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके शामिल होने से पार्टी संगठन और अधिक मजबूत होगा।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि लम्बोदर राभा लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वैचारिक प्रसार कार्य से जुड़े रहे हैं। उनके भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होने को संगठन के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभिन्न सामाजिक और सामुदायिक संगठनों से जुड़े लोगों का भाजपा में शामिल होना आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी की विचारधारा और विकासोन्मुख नीतियों के कारण विभिन्न समुदायों के लोग बड़ी संख्या में जुड़ रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान नए सदस्यों ने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस सामूहिक सदस्यता अभियान को असम की राजनीति में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि आने वाले समय में और भी कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भाजपा से जुड़ सकते हैं।