आप उस कुर्सी के लायक नहीं नवजोत कौर सिद्धू, राहुल गांधी पर हमला

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समग्र समाचार सेवा
कोयंबटूर 17 फरवरी – पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने आधिकारिक तौर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपना नाता तोड़ लिया है। लेकिन उनका यह जाना कोई शांत विदाई नहीं थी; उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “जमीनी हकीकत से कटा हुआ” नेता करार दिया।

कोयंबटूर में मीडिया से रूबरू होते हुए, पूर्व क्रिकेटर और पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी “सपनों की दुनिया” में जी रहे हैं और उन्हें इस बात का जरा भी अहसास नहीं है कि ‘ग्राउंड जीरो’ पर क्या चल रहा है।

“नेतृत्व की विफलता और संवादहीनता”

सिद्धू की नाराजगी का मुख्य केंद्र पार्टी के शीर्ष स्तर पर संवाद की कमी रही। उन्होंने खुलासा किया कि वह पिछले आठ महीनों से राहुल गांधी से मिलने का समय मांग रही थीं ताकि उन्हें पंजाब कांग्रेस में हो रहे “अन्याय” से अवगत करा सकें।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “मैंने आपसे सिर्फ एक मुलाकात मांगी थी ताकि बता सकूं कि पंजाब में आपकी पार्टी बर्बाद हो रही है। यदि आपको यह नहीं पता कि आपके नीचे क्या हो रहा है, तो मुझे खेद है, आप उस कुर्सी के लायक नहीं हैं।”

भ्रष्टाचार और ‘बिकते’ टिकटों के आरोप

पंजाब में अगले साल होने वाले चुनावों से पहले सिद्धू ने पार्टी की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब इकाई में टिकटें पहले ही “बेची” जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश नेतृत्व मुख्यमंत्री पद के लिए ₹500 करोड़ जैसी भारी भरकम राशि की मांग कर रहा है।

संवैधानिक और ऐतिहासिक दृष्टि से देखें तो पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी कोई नई बात नहीं है। 2022 के चुनावों के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह का बाहर होना इसका बड़ा उदाहरण रहा है। सिद्धू का यह प्रहार उस समय आया है जब पार्टी के भीतर “हाईकमान” संस्कृति और क्षेत्रीय नेताओं के बीच खींचतान चरम पर है।

पीएम मोदी से तुलना

राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए नवजोत कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, “आप पीएम मोदी पर उंगली उठा सकते हैं, लेकिन क्या उनके खिलाफ एक पैसे का भी भ्रष्टाचार का मामला है? राहुल गांधी बातें अच्छी करते हैं, लेकिन उनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।”

आगे की राह और राजनीतिक परिणाम

कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने हाल ही में नवजोत कौर सिद्धू के निष्कासन की पुष्टि की, हालांकि सिद्धू का कहना है कि उन्होंने पहले ही इस्तीफा दे दिया था। 62 वर्षीय सिद्धू, जो 2012 से 2016 तक भाजपा में थीं, अब एक बार फिर राजनीतिक चौराहे पर खड़ी हैं।

पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए उनकी भविष्यवाणी कांग्रेस के लिए शुभ नहीं है। उनके अनुसार, जिस तरह का भ्रष्टाचार और गुटबाजी पार्टी के भीतर है, उसे देखते हुए पंजाब में कांग्रेस की हार तय है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली में बैठा कांग्रेस नेतृत्व इस दरार को भर पाता है या पंजाब की राजनीति में कांग्रेस का ग्राफ और नीचे गिरेगा।।

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