मुख्य बिंदु:
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कैश ट्रांजेक्शन: साल भर में ₹10 लाख से अधिक के नकद लेनदेन पर ही PAN अनिवार्य होगा।
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वाहन नियम: ₹5 लाख से महंगे वाहनों (कार व बाइक) के लिए PAN कार्ड जरूरी।
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होटल और रेस्तरां: ₹1 लाख से अधिक के बिल पर ही देनी होगी PAN जानकारी।
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सुझाव की तारीख: जनता 22 फरवरी 2026 तक इन प्रस्तावित नियमों पर अपनी राय दे सकती है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 16 फरवरी : भारत सरकार ने देश के टैक्स ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। आयकर अधिनियम 2025 के साथ तालमेल बिठाने के लिए आयकर नियम 2026 का ड्राफ्ट पेश किया गया है, जो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने की संभावना है। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिक के लिए कागजी कार्रवाई को कम करना और बड़े नकद लेनदेन पर पैनी नजर रखना है।
सालाना ₹10 लाख की नकद सीमा बैंकिंग लेनदेन में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वर्तमान में, एक दिन में ₹50,000 से अधिक जमा करने पर PAN कार्ड अनिवार्य है। नए प्रस्ताव के अनुसार, अब दैनिक सीमा के बजाय सालाना सीमा लागू होगी। यदि एक वित्तीय वर्ष में आपके सभी बैंक खातों में कुल नकद जमा या निकासी ₹10 लाख से अधिक होती है, तभी PAN देना अनिवार्य होगा।
वाहन खरीद: ₹5 लाख तक की राहत अब तक, लगभग हर चार पहिया वाहन की खरीद पर PAN कार्ड जरूरी होता था। नए नियमों के तहत, यदि वाहन (दोपहिया वाहनों सहित) की कीमत ₹5 लाख से अधिक है, तभी PAN देना होगा। इससे सस्ते वाहन और पुरानी गाड़ियां खरीदने वालों को राहत मिलेगी, जबकि महंगी स्पोर्ट्स बाइक्स अब इस दायरे में आएंगी।
होटल बिल और प्रॉपर्टी में बदलाव होटल और रेस्तरां में नकद भुगतान की सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, अचल संपत्ति (प्रॉपर्टी) के लेनदेन में भी PAN की अनिवार्यता की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख की जा रही है, जो बढ़ती कीमतों के लिहाज से एक व्यवहारिक कदम है।