समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, असम 14 फरवरी : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने अत्याधुनिक पुल कुमार भास्कर वर्मा का लोकार्पण किया। यह सेतु पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
यह पुल विशाल ब्रह्मपुत्र नद पर निर्मित है और उत्तर तथा दक्षिण तट के बीच आवागमन को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाएगा। लंबे समय से इस क्षेत्र के लोग बेहतर संपर्क सुविधा की मांग कर रहे थे। पुल के चालू होने से गुवाहाटी और आसपास के इलाकों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश की विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा है और केंद्र सरकार इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सेतु केवल कंक्रीट और स्टील की संरचना नहीं, बल्कि यह विकास, विश्वास और नई संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए इंजीनियरों और श्रमिकों की सराहना की।
गुवाहाटी, जो कि इस क्षेत्र का प्रमुख शहरी केंद्र है, लंबे समय से यातायात दबाव की समस्या से जूझ रहा था। नए पुल के निर्माण से शहर के भीतर ट्रैफिक जाम में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी तेज होगी। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि इससे माल परिवहन की लागत घटेगी और बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इस पुल का निर्माण अत्याधुनिक तकनीक और उच्च सुरक्षा मानकों के साथ किया गया है। इसे भूकंपरोधी डिजाइन के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी इसकी मजबूती बनी रहे। इसके अतिरिक्त, पुल पर आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और निगरानी प्रणाली भी स्थापित की गई है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि Assam को बुनियादी ढांचे, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल, जलमार्ग और हवाई संपर्क को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि पूर्वोत्तर को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर रूप से जोड़ा जा सके।
स्थानीय नागरिकों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा गया। कई लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए ‘गेम चेंजर’ बताया। छात्रों और कामकाजी लोगों ने उम्मीद जताई कि इससे दैनिक आवागमन आसान होगा और समय की बचत होगी। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन पूर्वोत्तर भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्रीय संतुलित विकास की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी और आने वाले वर्षों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगी।