समग्र समाचार सेवा
बिहार ,दरभंगा 10 फरवरी: बिहार विधानसभा में अलीनगर (दरभंगा) की विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने क्षेत्र के एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर हालत को लेकर तारांकित प्रश्न उठाया। उन्होंने बताया कि यह स्वास्थ्य केंद्र बेहद उपेक्षित स्थिति में है और वर्तमान में केवल एक छोटे से कमरे में संचालित हो रहा है। इस केंद्र से 5 से 7 पंचायतों की लगभग 40 से 50 हजार आबादी जुड़ी हुई है, लेकिन इसके बावजूद यहां एक भी एमबीबीएस डॉक्टर तैनात नहीं है।
मैथिली ठाकुर ने सदन को अवगत कराया कि स्वास्थ्य सेवाओं की इस बदहाली के कारण ग्रामीणों को मामूली इलाज के लिए भी दूर-दराज के अस्पतालों में जाना पड़ता है। कई बार आपात स्थिति में समय पर उपचार न मिलने से लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
स्वास्थ्य मंत्री के जवाब पर असंतोष
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा दिए गए लिखित जवाब में यह कहा गया कि भवन की स्थिति मरम्मत योग्य है और आवश्यक सुधार किए जाएंगे। इस पर विधायक मैथिली ठाकुर ने असंतोष जताते हुए कहा कि जमीनी हकीकत इससे कहीं अधिक गंभीर है। उन्होंने कहा कि केवल मरम्मत की बात करना वास्तविक स्थिति को कमतर आंकना है, जबकि केंद्र बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नाम मात्र का रह गया है।
दो एमबीबीएस डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति की माँग
मैथिली ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि वह इसे आदेश नहीं बल्कि जनता की ओर से निवेदन समझें। उन्होंने तत्काल दो एमबीबीएस डॉक्टरों की नियुक्ति और भवन के पूर्ण पुनर्निर्माण की मांग की। लोकगायिका के रूप में पहचान बनाने वाली मैथिली ठाकुर ने 2025 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी और तब से वह लगातार स्थानीय मुद्दों, स्वास्थ्य सेवाओं और युवाओं से जुड़े मामलों को सदन में उठा रही हैं।