पूनम शर्मा
2 फरवरी 2026 को लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब के अंशों को लेकर तीखी बहस हुई। विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इन अंशों का हवाला देते हुए सरकार की निर्णय क्षमता पर सवाल उठाए।
मुख्य घटना: 31 अगस्त 2020 की वह रात
विवाद की जड़ 31 अगस्त 2020 की रात की घटनाएं हैं, जब पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सेनाएं युद्ध के बेहद करीब पहुंच गई थीं।
भारतीय कार्रवाई: भारत ने पैंगोंग त्सो के दक्षिण में ‘कैलाश रेंज’ की रणनीतिक चोटियों पर कब्जा कर लिया था। इससे भारतीय सेना चीनी ठिकानों को ऊपर से देखने की स्थिति में आ गई थी।
चीन की प्रतिक्रिया: जवाब में चीन के टैंक और पैदल सेना रेचिन ला (Rechin La) की ओर बढ़ने लगे और भारतीय चौकियों के बेहद करीब (कुछ सौ मीटर) पहुँच गए।
नरवणे के संस्मरण के बड़े दावे
जनरल नरवणे की किताब के अनुसार, उस तनावपूर्ण क्षण में उन्होंने शीर्ष नेतृत्व (रक्षा मंत्री, NSA, CDS और विदेश मंत्री) से निर्देश मांगे थे।
अनिर्णय का आरोप: विपक्ष का दावा है कि नरवणे के अनुसार, उस समय सरकार की ओर से तुरंत कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिला।
अंतिम आदेश: अंततः रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी का संदेश आया कि: “जो उचित लगे, वह करें” (Do whatever you deem appropriate)।
परिणाम: नरवणे ने इसे ऑपरेशनल छूट माना और भारतीय टैंकों को आगे बढ़ने का आदेश दिया। चीनी सेना रुक गई और बड़ी जंग टल गई।
सरकार का पक्ष और अन्य नजरिया
सरकार और उनके समर्थकों ने इन दावों पर पलटवार किया है:
रणनीतिक स्वतंत्रता: सरकार का तर्क है कि प्रधानमंत्री युद्ध के मैदान के ‘टैक्टिकल’ फैसले नहीं लेते। सेना प्रमुख को “उचित कार्रवाई” की छूट देना अनिर्णय नहीं, बल्कि सेना पर भरोसा और उसे निर्णय लेने की आजादी देना है।
लेफ्टिनेंट जनरल वाई.के. जोशी का विवरण: पूर्व नॉर्दर्न कमांड चीफ वाई.के. जोशी ने अपनी किताब ‘हु डेयर्स विन्स’ (Who Dares Wins) में इसे ‘ऑपरेशन स्नो लेपर्ड’ का हिस्सा बताया है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी योजना और भारतीय जीत के रूप में पेश किया है, जिसने चीन को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर किया।
वर्तमान स्थिति
जनरल नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी भी रक्षा मंत्रालय (MoD) की मंजूरी के इंतजार में है और आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है। इसी देरी को लेकर विपक्ष का आरोप है कि सरकार “असुविधाजनक सच” को सामने आने से रोक रही है।