31 जनवरी दैनिक राशिफल एवं आज का पंचांग

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🐏मेष
यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रोजगार‍ मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ संभव है। जोखिम न लें। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति जीवन में आनंद का संचार करेगी। कई दिनों से रुका पैसा मिल सकेगा।

🐂वृष
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न उठाएं। आज का दिन आपके लिए शुभ रहने की संभावना है। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। रोजगार के अवसर मिलेंगे। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

👫मिथुन
मेहनत का फल मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कर्ज से दूर रहना चाहिए। खर्च में कमी होगी। कानूनी विवादों का निपटारा आपके पक्ष में होने की संभावना है। प्रतिष्ठितजनों से मेल-जोल बढ़ेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

🦀कर्क
विवाद से क्लेश होगा। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग परेशान कर सकता है। जोखिम न लें। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता प्राप्ति के योग हैं। सावधानी व सतर्कता से व्यापारिक अनुबंध करें। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।

🐅सिंह
मेहनत का फल कम मिलेगा। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। संतान की शिक्षा की चिंता समाप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। महत्व के कार्य को समय पर करें। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा।

🙎‍♀️कन्या
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। धैर्य एवं शांति से वाद-विवादों से निपट सकेंगे। दुस्साहस न करें। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। स्वयं की प्रतिष्ठा व सम्मान के अनुरूप कार्य हो सकेंगे।

⚖️तुला
कुसंगति से हानि होगी। वाहन मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वाणी प‍र नियंत्रण रखें, जोखिम न लें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे। व्यापारिक लाभ होगा। संतान के प्रति झुकाव बढ़ेगा। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी।

🦂वृश्चिक
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ होगा। धन संचय की बात बनेगी। परिवार के कार्यों पर ध्यान देना जरूरी है। रुका कार्य होने से प्रसन्नाता होगी। आर्थिक सलाह उपयोगी रहेगी। कर्ज की चिंता कम होगी।

🏹धनु
चोट व रोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। क्रय-विक्रय के कार्यों में लाभ होगा। योजनाएं बनेंगी। उच्च और बौद्धिक वर्ग में विशेष सम्मान प्राप्त होगा। भाइयों से अनबन हो सकती है। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें।

🐊मकर
राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। जायदाद संबंधी समस्या सुलझने के आसार बनेंगे। अनुकूल समाचार मिलेंगे तथा दिन आनंदपूर्वक व्यतीत होगा। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे।

🍯कुंभ
व्यवसाय ठीक चलेगा। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। व्यय होगा। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। परिश्रम का अनुकूल फल मिलेगा। परिजनों के स्वास्थ्य और सुविधाओं की ओर ध्यान दें।

🐟मीन
व्यापार-व्यवसाय संतोषप्रद रहेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। अल्प परिश्रम से ही लाभ होने की संभावना है। खर्चों में कमी करने का प्रयास करें। अति व्यस्तता रहेगी। बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। थकान रहेगी ।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

दिनाँक:-31/01/2026,शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष,
माघ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——– त्रयोदशी 08:25:03 तक
तिथि— चतुर्दशी 29:52:07(क्षय )
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र——— पुनर्वसु 25:33:12
योग——— विश्कुम्भ 13:32:27
करण———– तैतुल 08:25:03
करण————– गर 19:06:44
करण ————-वणिज 29:52:07
वार———————– शनिवार
माह————————– माघ
चन्द्र राशि— मिथुन 20:00:15
चन्द्र राशि—————— कर्क
सूर्य राशि—————– मकर
रितु———————— शिशिर
आयन———-‐——– उत्तरायण
संवत्सर—————— विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————- सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————– 5126

वृन्दावन
सूर्योदय————— 07:07:37
सूर्यास्त————— 17:57:57
दिन काल————- 10:50:19
रात्री काल —————-13:09:10
चंद्रोदय————— 16:16:43
चंद्रास्त—————- 30:40:13

लग्न—- मकर 16°57′ , 286°57′

सूर्य नक्षत्र—————— श्रवण
चन्द्र नक्षत्र—————– पुनर्वसु
नक्षत्र पाया—————— लोहा

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

के—- पुनर्वसु 08:57:03

को—- पुनर्वसु 14:28:15

हा—- पुनर्वसु 20:00:15

ही—- पुनर्वसु 25:33:12

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= मकर 16°16 , श्रवण 3 खे
चन्द्र= मिथुन 22°30 , पुनर्वसु 1 के
बुध = मकर 23°52 ‘ धनिष्ठा 1 खो
शु क्र= मकर 22°05, श्रवण 4 खो
मंगल= मकर 11°03 ‘ श्रवण 1 खी
गुरु= मिथुन 23°33 पुनर्वसु, 2 को
शनि=मीन 04°13 ‘ उoभा o , 1 दू
राहू=(व) कुम्भ 16°25 शतभिषा, 3 सी
केतु= (व) सिंह 16°25 पूoफाo 1 मो
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 09:50 – 11:12 अशुभ
यम घंटा 13:54 – 15:15 अशुभ
गुली काल 07:08 – 08:29 अशुभ
अभिजित 12:11 – 12:54 शुभ
दूर मुहूर्त 08:34 – 09:18 अशुभ
वर्ज्यम 14:28 – 15:57 अशुभ
प्रदोष 17:58 – 20:38 शुभ

💮चोघडिया, दिन

काल 07:08 08:29 अशुभ
शुभ 08:29 – 09:50 शुभ
रोग 09:50 – 11:12 अशुभ
उद्वेग 11:12 – 12:33 अशुभ
चर 12:33 13:54 शुभ
लाभ 13:54 – 15:15 शुभ
अमृत 15:15 – 16:37 शुभ
काल 16:37 17:58 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

लाभ 17:58 – 19:37 शुभ
उद्वेग 19:37 – 21:15 अशुभ
शुभ 21:15-22:54 शुभ
अमृत 22:54 – 24:33* शुभ
चर 24:33* – 26:11* शुभ
रोग 26:11* – 27:50* अशुभ
काल 27:50* – 29:28* अशुभ
लाभ 29:28* – 31:07* शुभ

💮होरा, दिन

शनि 07:08 -08:02
बृहस्पति 08:02- 08:56
मंगल 08:56 -09:50
सूर्य 09:50- 10:44
शुक्र 10:44 -11:39
बुध 11:39 -12:33
चन्द्र 12:33- 13:27
शनि 13:27 -14:21
बृहस्पति 14:21- 15:15
मंगल 15:15 -16:10
सूर्य 16:10 -17:04
शुक्र 17:04- 17:58

🚩होरा, रात

बुध 17:58 -19:04
चन्द्र 19:04 -20:09
शनि 20:09 -21:15
बृहस्पति 21:15 -22:21
मंगल 22:21 -23:27
सूर्य 23:27- 24:33
शुक्र 24:33-25:38
बुध 25:38-26:44
चन्द्र 26:44-27:50
शनि 27:50-28:56
बृहस्पति 28:56-30:01
मंगल 30:01-31:07

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

मकर > 06:16 से 07:46 तक
कुम्भ > 07:46 से 09:26 तक
मीन > 09:26 से 10:50 तक
मेष > 10:50 से 12:26 तक
वृषभ > 12:26 से 14:24 तक
मिथुन > 14:24 से 16:50 तक
कर्क > 16:50 से 19:00 तक
सिंह > 19:00 से 221:10 तक
कन्या > 21:10 से 23:26 तक
तुला > 23:26 से 01:38 तक
वृश्चिक > 01:38 से 03:52 तक
धनु > 03:52 से 05:58 तक
=======================

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लोंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

13 + 7 + 1 = 21 ÷ 4 = 1 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 = 3 शेष

वृषभारूढ़ = शुभ कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

प्रत: 29:52 से प्रारम्भ

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*चातुर्दशीक्षय

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

पुनर्वित्तम्पुनर्मित्रं पुनर्भार्या पुनर्मही ।
एतत्सर्वं पुनर्लभ्यं न शरीरं पुनः पुनः ।।
।।चाoनीo।।

आप दौलत, मित्र, पत्नी और राज्य गवाकर वापस पा सकते है लेकिन यदि आप अपनी काया गवा देते है तो वापस नहीं मिलेगी.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: ज्ञानकर्मसन्यासयोग अo-4

दैवमेवापरे यज्ञं योगिनः पर्युपासते।
ब्रह्माग्नावपरे यज्ञं यज्ञेनैवोपजुह्वति॥

दूसरे योगीजन देवताओं के पूजनरूप यज्ञ का ही भलीभाँति अनुष्ठान किया करते हैं और अन्य योगीजन परब्रह्म परमात्मारूप अग्नि में अभेद दर्शनरूप यज्ञ द्वारा ही आत्मरूप यज्ञ का हवन किया करते हैं। (परब्रह्म परमात्मा में ज्ञान द्वारा एकीभाव से स्थित होना ही ब्रह्मरूप अग्नि में यज्ञ द्वारा यज्ञ को हवन करना है।)

—————————————–
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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