अमित शाह का बड़ा दावा-2026 में बंगाल की राजनीति बदलेगी, तृणमूल सत्ता से बाहर

45 दिन में बॉर्डर फेंसिंग पूरी करने का भरोसा, अमित शाह का ऐलान

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  • जनसभा में अमित शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखे आरोप लगाए
  • घुसपैठ को देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया
  • सीमा पर फेंसिंग में राज्य सरकार के सहयोग न करने का आरोप
  • भाजपा सरकार बनने पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा

समग्र समाचार सेवा
कोलकाता | 31 जनवरी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में आयोजित एक विशाल जनसभा में कहा कि वर्ष 2026 राज्य के लिए निर्णायक साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस सत्ता में नहीं रहेगी और प्रदेश की राजनीति नई दिशा लेगी।

सुरक्षा से जुड़ा बताया बंगाल का मुद्दा

अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना सिर्फ राज्य की आवश्यकता नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। उनका कहना था कि सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सीमा फेंसिंग पर राज्य सरकार को घेरा

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने सीमा पर फेंसिंग के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने में सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों के बावजूद राज्य की अड़चनों के कारण सुरक्षा कार्य अधूरे रह गए।

फर्जी दस्तावेज और प्रशासन पर सवाल

अमित शाह ने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन घुसपैठ रोकने में असफल रहा है। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को फर्जी कागजात बनवाकर देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जा रहा है और इस पूरे तंत्र पर राज्य सरकार की चुप्पी गंभीर चिंता का विषय है।

अदालत के फैसले का उल्लेख

शाह ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी यह स्पष्ट किया है कि बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन देने में राज्य सरकार का रवैया सहयोगात्मक नहीं था। अदालत के निर्देश के बाद अब सीमा सुरक्षा बल को समयसीमा में आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ है।

‘माटी-मानुष’ पर तंज

गृह मंत्री ने ममता बनर्जी के नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं, जमीन पर अवैध कब्जे बढ़े हैं और आम लोग तृणमूल से जुड़े सिंडिकेट से परेशान हैं।

सत्ता में आने पर तेज़ कार्रवाई का भरोसा

अमित शाह ने कहा कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो 45 दिनों के भीतर सीमा पर फेंसिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में है, वहां घुसपैठ पर प्रभावी नियंत्रण देखने को मिला है।

वोट के अधिकार पर संदेश

मतुआ और नामशूद्र समुदाय का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि किसी को डराने की राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोट जनता का अधिकार है और कोई भी उसे छीन नहीं सकता।

एनआरसी और भ्रष्टाचार का मुद्दा

गृह मंत्री ने कहा कि घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की प्रक्रिया जरूरी है, चाहे इसका कितना भी विरोध क्यों न हो। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार के सवाल पर ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि साहस है तो दागी नेताओं को टिकट न देकर दिखाएं।

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