30 जनवरी दैनिक राशिफल एवं आज का पंचांग

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🐏मेष
मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें।

🐂वृष
घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

👫मिथुन
किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्रा‍थमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। अनावश्यक जोखिम न लें।

🦀कर्क
यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा।

🐅सिंह
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा।

🙍‍♀️कन्या
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

⚖️तुला
सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे।

🦂वृश्चिक
बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा।

🏹धनु
लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी।

🐊मकर
घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।

🍯कुंभ
उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।

🐟मीन
किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

दिनाँक:-30/ ।।24।।-01/2026,शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष,
माघ
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———- द्वादशी 11:08:35. तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र———– आर्द्रा 27:26:31
योग———— वैधृति 16:57:31
करण ————-बालव 11:08:35
करण ————कौलव 21:46:01
वार———————– शुक्रवार
माह————————– माघ
चन्द्र राशि—————- मिथुन
सूर्य राशि—————— मकर
रितु———————— शिशिर
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर—————— विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर) ————-सिद्धार्थी
विक्रम संवत ——————-2082
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————– 5126

वृन्दावन
सूर्योदय————— 07:08:06
सूर्यास्त ——————-17:57:10
दिन काल————- 10:49:03
रात्री काल —————-13:10:27
चंद्रोदय————— 15:06:56
चंद्रास्त—————- 29:49:15

लग्न—-मकर 15°56′ , 285°56′

सूर्य नक्षत्र—————— श्रवण
चन्द्र नक्षत्र——————- आर्द्रा
नक्षत्र पाया——————- लौह

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

कु—- आर्द्रा 10:57:36

घ—- आर्द्रा 16:26:56

ङ—- आर्द्रा 21:56:31

छ—- आर्द्रा 27:26:31

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= मकर 15°16 , श्रवण 2 खू
चन्द्र= मिथुन 07°30 , आर्द्रा 1 कु
बुध = मकर 21°52 ‘ श्रवण 4 खो
शु क्र= मकर 21°05, श्रवण 4 खो
मंगल= मकर 11°03 ‘ श्रवण 1 खी
गुरु= मिथुन 23°33 पुनर्वसु, 2 को
शनि=मीन 04°13 ‘ उoभा o , 1 दू
राहू=(व) कुम्भ 16°28 शतभिषा, 3 सी
केतु= (व) सिंह 16°28 पूoफाo 1 मो
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 11:12 – 12:33 अशुभ
यम घंटा 15:15 – 16:36 अशुभ
गुली काल 08:29 – 09:50 अशुभ
अभिजित 12:11 – 12:54 शुभ
दूर मुहूर्त 09:18 – 10:01 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:54 – 13:38 अशुभ
वर्ज्यम 13:09 – 14:37 अशुभ
प्रदोष 17:57 – 20:38 शुभ

💮चोघडिया, दिन

चर 07:08 – 08:29 शुभ
लाभ 08:29 – 09:50 शुभ
अमृत 09:50 – 11:12 शुभ
काल 11:12 12:33 अशुभ
शुभ 12:33 – 13:54 शुभ
रोग 13:54 – 15:15 अशुभ
उद्वेग 15:15 – 16:36 अशुभ
चर 16:36 17:57 शुभ

🚩चोघडिया, रात

रोग 17:57 – 19:36 अशुभ
काल 19:36 21:15 अशुभ
लाभ 21:15-22:54 शुभ
उद्वेग 22:54 – 24:32* अशुभ
शुभ 24:32* -26:11* शुभ
अमृत 26:11*-27:50* शुभ
चर 27:50* – 29:29* शुभ
रोग 29:29* – 31:08* अशुभ

💮होरा, दिन

शुक्र 07:08 -08:02
बुध 08:02 -08:56
चन्द्र 08:56 -09:50
शनि 09:50 -10:44
बृहस्पति 10:44 -11:39
मंगल 11:39 -12:33
सूर्य 12:33 -13:27
शुक्र 13:27 -14:21
बुध 14:21 -15:15
चन्द्र 15:15 -16:09
शनि 16:09- 17:03
बृहस्पति 17:03 -17:57

🚩होरा, रात

मंगल 17:57 -19:03
सूर्य 19:03- 20:09
शुक्र 20:09- 21:15
बुध 21:15- 22:21
चन्द्र 22:21 -23:27
शनि 23:27- 24:32
बृहस्पति 24:32-25:38
मंगल 25:38-26:44
सूर्य 26:44-27:50
शुक्र 27:50-28:56
बुध 28:56-30:02
चन्द्र 30:02-31:08

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

मकर > 06:20 से 07:50 तक
कुम्भ > 07:50 से 09:30 तक
मीन > 09:30 से 10:54 तक
मेष > 10:54 से 12:30 तक
वृषभ > 12:30 से 14:28 तक
मिथुन > 14:28 से 16:54 तक
कर्क > 16:54 से 19:04 तक
सिंह > 19:04 से 221:14 तक
कन्या > 21:14 से 23:30 तक
तुला > 23:30 से 01:42 तक
वृश्चिक > 01:42 से 03:56 तक
धनु > 03:56 से 06:02 तक
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🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

12 + 6 + 1 = 19 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

12 + 12 + 5 = 29 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*भीष्म द्वादशी

*शुक्र प्रदोष व्रत (शिव पूजन)

*सर्वार्थ सिद्धि योग 27:26 से

*शुक्रोदय पश्चिम 21:15 पर

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

आत्मापराधवृक्षस्य फलान्येतानि देहिनाम् ।
दारिद्र्य-रोग-दुःखानि बन्धनव्यसनानि च ।।
।।चाoनीo।।

गरीबी, दुःख और एक बंदी का जीवन यह सब व्यक्ति के किए हुए पापो का ही फल है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: ज्ञानकर्मसन्यासयोग अo-4

( फलसहित पृथक-पृथक यज्ञों का कथन )
ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविर्ब्रह्माग्रौ ब्रह्मणा हुतम्‌।
ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्मसमाधिना॥

जिस यज्ञ में अर्पण अर्थात स्रुवा आदि भी ब्रह्म है और हवन किए जाने योग्य द्रव्य भी ब्रह्म है तथा ब्रह्मरूप कर्ता द्वारा ब्रह्मरूप अग्नि में आहुति देना रूप क्रिया भी ब्रह्म है- उस ब्रह्मकर्म में स्थित रहने वाले योगी द्वारा प्राप्त किए जाने योग्य फल भी ब्रह्म ही हैं
———–
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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