अजित पवार विमान हादसा: ब्लैक बॉक्स मिला जाँच को लेकर सरकार ने क्या कहा?

बारामती के पास हुए विमान हादसे की जाँच एएआईबी नियम 2025 के तहत शुरू, डीजीसीए और एएआईबी की संयुक्त टीमें सक्रिय

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  • दुर्घटनास्थल से विमान का ब्लैक बॉक्स सुरक्षित रूप से बरामद
  • एएआईबी दिल्ली और डीजीसीए मुंबई की टीमें मौके पर मौजूद
  • एएआईबी नियम 2025 के तहत औपचारिक जाँच शुरू
  • सरकार ने पारदर्शी और समयबद्ध जाँच का भरोसा दिलाया

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 29 जनवरी: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के दुर्घटनाग्रस्त विमान से ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, जिसके बाद हादसे की जाँच प्रक्रिया में तेज़ी आ गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि दुर्घटना की पूरी, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हादसे के तुरंत बाद सक्रिय हुआ पूरा तंत्र

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि बारामती के पास हुए इस दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे के बाद सभी आवश्यक बचाव, राहत और जाँच तंत्र तुरंत सक्रिय कर दिए गए थे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जाँच स्थापित मानकों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप की जा रही है।

जाँच एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई

मंत्रालय के अनुसार, एयरक्राफ़्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी), दिल्ली से तीन अधिकारियों की एक टीम और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय से तीन अधिकारियों की एक अन्य टीम 28 जनवरी को दुर्घटनास्थल पर पहुँची। इसके साथ ही, एएआईबी के महानिदेशक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

नियमों के तहत शुरू हुई औपचारिक जाँच

सरकार ने जानकारी दी कि विमान हादसे की जाँच एएआईबी नियम, 2025 के नियम 5 और 11 के अंतर्गत औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। बरामद ब्लैक बॉक्स के विश्लेषण के माध्यम से उड़ान के अंतिम क्षणों, तकनीकी स्थिति, मौसम की भूमिका और मानवीय कारकों की गहन पड़ताल की जाएगी।

लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा

गौरतलब है कि बुधवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। यह हादसा उस समय हुआ, जब उनका विमान पुणे के पास बारामती हवाईअड्डे पर उतरने का प्रयास कर रहा था। इस घटना से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।

समयबद्ध जाँच का आश्वासन

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दोहराया कि जाँच निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी और दुर्घटना के वास्तविक कारण सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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