पीएम मोदी ने आईईडब्ल्यू 2026 का किया उद्घाटन, भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को बताया ऐतिहासिक

इंडिया एनर्जी वीक 2026 का आगाज, पीएम मोदी बोले- भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर

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  • पीएम मोदी ने आईईडब्ल्यू 2026 का उद्घाटन कर ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्राथमिकताएँ रखीं
  • भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को बताया भरोसे और अवसरों का प्रतीक
  • जहाज निर्माण के लिए 70 हजार करोड़ रुपये के कार्यक्रम का किया उल्लेख
  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता के मिशन और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल पर जोर

समग्र समाचार सेवा
गोवा। 27 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2026 का उद्घाटन करते हुए भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत की आर्थिक क्षमता और वैश्विक स्तर पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने पर सरकार का फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की वर्तमान रिफाइनिंग क्षमता लगभग 260 मिलियन टन है और इसे बढ़ाकर 300 मिलियन टन से अधिक करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र भारत की विकास यात्रा का अहम आधार बन चुका है।

जहाज निर्माण और एलएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

पीएम मोदी ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चर्चा करते हुए कहा कि एलएनजी परिवहन के लिए विशेष जहाजों की आवश्यकता होती है। भारत अब ऐसे जहाजों का निर्माण देश में ही करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जहाज निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 70,000 करोड़ रुपये का एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके अलावा, एलएनजी टर्मिनल और गैस पाइपलाइन नेटवर्क में भी निवेश के बड़े अवसर मौजूद हैं।

डाउनस्ट्रीम सेक्टर में निवेश के अवसर

प्रधानमंत्री ने कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तेजी से देश के कई शहरों तक पहुँच चुका है और अन्य शहरों को भी इससे जोड़ने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और अर्थव्यवस्था के विस्तार के चलते पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मांग आने वाले वर्षों में और बढ़ेगी, जिससे ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की जरूरत होगी।

सुधारों की रफ्तार और निवेशकों को संदेश

पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ पर आगे बढ़ रहा है और घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक सहयोग के लिए पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है।

ऊर्जा सुरक्षा से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब ऊर्जा सुरक्षा से आगे बढ़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता के मिशन पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 500 बिलियन डॉलर के निवेश की संभावनाएं हैं और वैश्विक निवेशकों से “मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया, स्केल विद इंडिया और इन्वेस्ट इन इंडिया” का आह्वान किया।

वैश्विक भागीदारी वाला मंच बना आईईडब्ल्यू

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, यूएई के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री सुल्तान अहमद अल जाबेर, कनाडा के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री टिम हॉजसन सहित अफ्रीका, मध्य पूर्व, मध्य एशिया और ग्लोबल साउथ के कई वरिष्ठ मंत्री उपस्थित रहे।

आईईडब्ल्यू का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, निवेश को आकर्षित करना और डीकार्बनाइजेशन के प्रभावी एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करना है। तीन दिवसीय इस आयोजन में 120 से अधिक देशों के लगभग 75,000 ऊर्जा विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है।

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