बोर्ड ऑफ पीस मंच पर ट्रंप से नजदीक आते दिखे शहबाज शरीफ
बोर्ड ऑफ पीस लॉन्चिंग में ट्रंप–शहबाज मुलाकात बनी चर्चा का विषय
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दावोस में ट्रंप की अगुआई में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का औपचारिक ऐलान
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चार्टर साइनिंग के दौरान ट्रंप के कान में फुसफुसाते दिखे शहबाज शरीफ
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मंच पर पाकिस्तान को पीछे की सीट, सदस्यता को लेकर सवाल
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गाजा शांति पहल से जुड़ी भूमिका पर पाकिस्तान को लेकर आशंकाएँ
समग्र समाचार सेवा
दावोस | 23 जनवरी: विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के इतर दावोस में एक नए वैश्विक मंच ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की औपचारिक घोषणा की गई। इस पहल का नेतृत्व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया। मंच को गाजा में शांति स्थापना और पुनर्निर्माण के उद्देश्य से शुरू किए जाने की बात कही गई, हालांकि बाद में इसे एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय शांति निकाय के रूप में प्रस्तुत किया गया।
साइनिंग सेरेमनी में छाई शहबाज–ट्रंप की तस्वीर
चार्टर डॉक्युमेंट पर हस्ताक्षर के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत ने सबका ध्यान खींचा। मंच पर आते ही शहबाज शरीफ ने ट्रंप से हाथ मिलाया और उनके कान में कुछ कहते नजर आए। ट्रंप ने भी उनकी बात ध्यान से सुनी और प्रतिक्रिया स्वरूप उनके कंधे पर हाथ रखा। दोनों के बीच क्या चर्चा हुई, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सीमित उपस्थिति में हुआ पहला अनावरण
ट्रंप के अनुसार, इस बोर्ड में शामिल होने के लिए 50 से अधिक देशों को आमंत्रित किया गया था और 59 देशों ने चार्टर पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, पहले चरण के सार्वजनिक कार्यक्रम में करीब 20 देशों के प्रतिनिधि ही मंच पर मौजूद दिखे। इनमें अधिकतर पश्चिम एशिया क्षेत्र के देश थे, जबकि कई प्रमुख पश्चिमी देशों की भागीदारी सीमित रही।
सदस्य देशों पर ट्रंप की हल्की टिप्पणी
उद्घाटन भाषण में ट्रंप ने विभिन्न देशों के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मंच पर मौजूद प्रतिनिधि अपने-अपने देशों में प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि राजनीति में लोकप्रियता और आलोचना साथ-साथ चलती है।
पाकिस्तान को मंच पर पीछे की पंक्ति
कार्यक्रम के दौरान यह भी देखा गया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को फ्रंट रो में स्थान नहीं दिया गया। उन्हें पीछे की सीट पर बैठाया गया, जिसे लेकर कूटनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। गाजा से जुड़े शांति प्रयासों में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर पहले से ही कुछ देशों में असहजता देखी जा रही है।
पाकिस्तान की भागीदारी पर सवाल
हाल के दिनों में इज़रायल की ओर से यह स्पष्ट किया जा चुका है कि वह गाजा से जुड़े किसी भी शांति प्रयास में पाकिस्तान की सैन्य भागीदारी को लेकर सहज नहीं है। आतंकवादी संगठनों और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को लेकर उठाए गए सवालों के चलते बोर्ड ऑफ पीस में पाकिस्तान की भूमिका पर संदेह जताया जा रहा है।
भारत को भी मिला निमंत्रण
इस नए शांति मंच से जुड़ने के लिए भारत को भी आमंत्रण दिया गया है। हालांकि, इस पर भारत की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि भारत इस प्रस्ताव पर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगा।