एकता से ही बनेगा ‘एक त्रिपुरा, श्रेष्ठ त्रिपुरा’: मुख्यमंत्री माणिक साहा

राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री माणिक साहा का संदेश, एकजुट समाज से तेज होगा विकास

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  • 54वें राज्य स्थापना दिवस समारोह का अगरतला में आयोजन
  • मुख्यमंत्री ने एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता पर दिया जोर
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का किया वाचन
  • छह नागरिकों को राज्य नागरिक पुरस्कार, 11 को स्थापना दिवस सम्मान

समग्र समाचार सेवा
अगरतला (त्रिपुरा), 22 जनवरी: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा है कि जनता के बीच एकता और भाईचारे को मजबूत करके ही राज्य के विकास को नई गति दी जा सकती है। इसी के माध्यम से ‘एक त्रिपुरा, श्रेष्ठ त्रिपुरा’ के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

बुधवार को अगरतला स्थित रवींद्र शताब्दी भवन में आयोजित 54वें त्रिपुरा राज्य स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एकजुट समाज ही राज्य की प्रगति की सबसे मजबूत नींव होता है।

शांति और सद्भाव अंतिम लक्ष्य

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस मनाने का उद्देश्य केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनता के सामाजिक और आर्थिक विकास को सही दिशा देना है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ पूरे राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री के संदेश का उल्लेख

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजे गए शुभकामना संदेश का वाचन किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आह्वान किया है और त्रिपुरा सरकार उसी लक्ष्य की दिशा में कार्य कर रही है।

त्रिपुरा के भारत में विलय का ऐतिहासिक संदर्भ

मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा के भारत में विलय से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि महारानी कंचनप्रभा देवी ने 9 सितंबर 1949 को दिल्ली में विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे और 15 अक्टूबर 1949 को त्रिपुरा औपचारिक रूप से भारत संघ का हिस्सा बना।

विकास के हर क्षेत्र में आगे बढ़ता त्रिपुरा

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि वर्ष 2018 में नई सरकार के गठन के बाद त्रिपुरा ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक अवसंरचना, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने बताया कि त्रिपुरा आज देश का एकमात्र पूर्ण डिजिटल राज्य है और जीएसडीपी के मामले में पूर्वोत्तर राज्यों में दूसरे स्थान पर है। राज्य को विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अब तक 347 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्तमान में राज्य में 1 लाख 8 हजार दीदियां और 54,323 महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

सम्मान और उपस्थिति

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले छह व्यक्तियों को राज्य नागरिक पुरस्कार और 11 व्यक्तियों को राज्य स्थापना दिवस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ, पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी, उच्च शिक्षा मंत्री किशोर बर्मन और पुलिस महानिदेशक अनुराग भी उपस्थित रहे।

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