झारखंड में बड़ा नक्सली ऑपरेशन, एक करोड़ का इनामी माओवादी नेता अनल ढेर
पश्चिमी सिंहभूम में बड़ा ऑपरेशन, भारी हथियार भी बरामद
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मुठभेड़ में माओवादी केंद्रीय समिति सदस्य पतराम मांझी उर्फ़ अनल मारा गया
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मृत नक्सली पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था
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अब तक 15 नक्सलियों के शव और स्वचालित हथियार बरामद
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इलाके में तलाशी अभियान जारी, संख्या बढ़ने की आशंका
समग्र समाचार सेवा
चाईबासा (झारखंड), 22 जनवरी: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम ज़िले के सारंडा जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई है। इस कार्रवाई में माओवादी केंद्रीय समिति का सदस्य पतराम मांझी उर्फ़ अनल मारा गया है। उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
15 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मुठभेड़ में अब तक 15 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। घटनास्थल से बड़ी मात्रा में स्वचालित हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। जंगल के अंदर अभी भी तलाशी अभियान चल रहा है।
कोबरा 209 बटालियन की निर्णायक कार्रवाई
यह ऑपरेशन सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया। खुफ़िया सूचनाओं के आधार पर इलाके की घेराबंदी कर माओवादी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की गई। दोनों ओर से कई घंटे तक गोलीबारी होती रही।
कई नामों से जाना जाता था पतराम मांझी
मारा गया माओवादी नेता पतराम मांझी उर्फ़ अनल को संगठन में तुफ़ान और पतिराम मरांडी के नाम से भी जाना जाता था। वह गिरिडीह ज़िले के पीरटांड थाना क्षेत्र के झरहाबाले गांव का निवासी था। सुरक्षाबलों के अनुसार, वह संगठन की रणनीतिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाता था।
तलाशी अभियान अब भी जारी
आईजी साकेत सिंह ने बताया कि मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जंगल क्षेत्र में और नक्सलियों के छिपे होने की आशंका है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
नक्सलवाद समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम
केंद्र सरकार ने देश से नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक तय किया है। इसी रणनीति के तहत झारखंड सहित नक्सल प्रभावित राज्यों में लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है। हाल के वर्षों में शीर्ष माओवादी नेताओं के मारे जाने से संगठन को बड़ा झटका लगा है।