37 नामांकन पत्रों के समर्थन से नितिन नबीन भाजपा अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए
निर्विरोध चयन के बाद नितिन नबीन बने भाजपा अध्यक्ष, शीर्ष नेतृत्व रहा मौजूद
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नितिन नबीन निर्विरोध रूप से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए
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प्रधानमंत्री मोदी समेत वरिष्ठ नेताओं ने किया समर्थन
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नबीन ने जेपी नड्डा का स्थान लिया, 2020 से थे अध्यक्ष
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बिहार की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली। 20 जनवरी: भारतीय जनता पार्टी को मंगलवार को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया। पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नितिन नबीन के नाम की औपचारिक घोषणा की गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहा। नितिन नबीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर पहुँँचने वाले सबसे युवा नेताओं में शामिल हो गए हैं।
निर्विरोध हुआ चयन
पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन ही एकमात्र उम्मीदवार थे। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान उनके समर्थन में कुल 37 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिन्हें वैध पाया गया। निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण ने औपचारिक रूप से उनके निर्विरोध चयन की घोषणा की।
जेपी नड्डा का स्थान लिया
नितिन नबीन ने वर्ष 2020 से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद संभाल रहे जेपी नड्डा का स्थान लिया है। नड्डा के कार्यकाल के दौरान पार्टी ने कई राज्यों में संगठनात्मक विस्तार किया और केंद्र में सरकार के कामकाज को मजबूती दी।
प्रधानमंत्री और वरिष्ठ नेताओं का समर्थन
नितिन नबीन के नामांकन प्रस्तावकों में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल रहे। 36 नामांकन पत्र पार्टी की राज्य इकाइयों और एक संसदीय दल की ओर से दाखिल किया गया।
1980 का संयोग और पारिवारिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनता पार्टी की स्थापना वर्ष 1980 में हुई थी और यही वर्ष नितिन नबीन के जन्म का भी है। वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा बिहार विधानसभा के चार बार सदस्य रहे और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे।
बिहार से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर
पिता के निधन के बाद नितिन नबीन ने वर्ष 2006 में राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने पटना पश्चिम सीट से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में कदम रखा। बाद में परिसीमन के बाद बनी बांकीपुर सीट से उन्होंने 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार जीत दर्ज की।
बिहार सरकार में वह कानून एवं न्याय, शहरी विकास और आवास जैसे अहम विभागों के मंत्री रह चुके हैं। दिसंबर में उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था और अब संगठन की सर्वोच्च जिम्मेदारी सौंपी गई है।