सीमा-पार आतंकवाद पर भारत-पोलैंड में खुली चर्चा, जयशंकर ने जताई कड़ी आपत्ति

जयशंकर–सिकोर्सकी वार्ता में सीमा-पार आतंकवाद और व्यापार पर खुली बात

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  • विदेश मंत्री जयशंकर ने पोलैंड से आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता अपनाने को कहा
  • भारत के पड़ोस में आतंकी ढांचे को मदद न देने की स्पष्ट अपील
  • व्यापार, निवेश और वैश्विक अस्थिरता पर व्यापक चर्चा
  • सिकोर्सकी ने सीमा-पार आतंकवाद से निपटने पर सहमति जताई

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 20 जनवरी: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्वाव सिकोर्सकी के साथ द्विपक्षीय बातचीत में स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के पड़ोस में आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पोलैंड से आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने की अपेक्षा जताई।

वैश्विक अस्थिरता के दौर में मुलाकात

बैठक की शुरुआत में जयशंकर ने कहा कि यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब पूरी दुनिया अस्थिरता और तनाव से गुजर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस माहौल में जिम्मेदार देशों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है

आतंकवाद पर भारत की कड़ी चिंता।

जयशंकर ने कहा कि सीमा-पार आतंकवाद भारत के लिए लंबे समय से गंभीर चुनौती रहा है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी देश द्वारा भारत के आसपास सक्रिय आतंकी ढांचों को प्रत्यक्ष या परोक्ष मदद देना गलत और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पोलैंड इस मुद्दे पर भारत की संवेदनशीलताओं को समझेगा।

भारत को चुनकर निशाना बनाने पर आपत्ति

विदेश मंत्री ने हाल के वर्षों में भारत को चुनकर निशाना बनाए जाने के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चाहे वह आर्थिक दबाव हों या अन्य कदम, भारत को अलग से लक्षित करना न्यायसंगत नहीं है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

व्यापार और निवेश में मजबूत साझेदारी

जयशंकर ने बताया कि पोलैंड मध्य यूरोप में भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है। द्विपक्षीय व्यापार लगभग सात अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच चुका है, जिसमें बीते दशक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पोलैंड में भारतीय निवेश तीन अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है, जिससे वहाँ रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

पाकिस्तान के साथ पोलैंड के संबंधों की पृष्ठभूमि

हाल के वर्षों में पोलैंड और पाकिस्तान के बीच संपर्क बढ़े हैं। सिकोर्सकी के पाकिस्तान दौरे और वहां ऊर्जा तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग की चर्चाओं के संदर्भ में भारत ने यह संदेश दिया कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए।

सिकोर्सकी की प्रतिक्रिया

पोलैंड के उप प्रधानमंत्री सिकोर्सकी ने जयशंकर की बातों से सहमति जताते हुए कहा कि सीमा-पार और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटना सभी जिम्मेदार देशों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी माना कि शुल्क या अन्य उपायों के जरिए चुनिंदा देशों को निशाना बनाना वैश्विक व्यापार के लिए नुकसानदेह है।

आगे भी संवाद जारी रहेगा

दोनों नेताओं ने संकेत दिए कि आतंकवाद, व्यापार, निवेश और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर भारत और पोलैंड के बीच संवाद आगे भी जारी रहेगा और साझेदारी को नई दिशा दी जाएगी।

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