इंदौर से हटाए गए आयुक्त दिलीप यादव को पर्यटन निगम की कमान

26 अधिकारियों से जुड़े बड़े आईएएस फेरबदल के तहत दिलीप कुमार यादव को एमपी टूरिज्म का एमडी नियुक्त किया गया

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  • 2014 बैच के आईएएस दिलीप कुमार यादव बने एमपी टूरिज्म के प्रबंध निदेशक
  • इंदौर जल आपूर्ति मामले के बाद हटाए गए थे नगर निगम आयुक्त पद से
  • 1994 से 2018 बैच तक के 26 आईएएस अधिकारियों का तबादला
  • स्वास्थ्य सेवाएँ और जनजातीय कार्य विभाग में भी अहम प्रशासनिक बदलाव

समग्र समाचार सेवा
भोपाल | 19 जनवरी: मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार शाम बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में सबसे अधिक चर्चा 2014 बैच के आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार यादव की नई तैनाती को लेकर है। इंदौर नगर निगम आयुक्त पद से हटाए जाने के करीब दो सप्ताह बाद उन्हें मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।

इंदौर जल संकट के बाद बदली जिम्मेदारी

दिलीप कुमार यादव को 3 जनवरी को इंदौर के नगर निगम आयुक्त पद से हटाया गया था। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति से कई लोगों की मौत के आरोपों के बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके एक दिन बाद ही उन्हें इंदौर से हटाकर भोपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के रूप में पदस्थ किया गया।

निगम अधिकारियों पर भी हुई सख्त कार्रवाई

इंदौर जल आपूर्ति प्रकरण में राज्य सरकार ने नगर निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की थी। अतिरिक्त नगर आयुक्त रोहित सिसोनिया और नगर निगम के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया, जिससे प्रशासन की सख्ती का संकेत मिला।

वरिष्ठ अफसरों को नए दायित्व

इस व्यापक फेरबदल में 1994 बैच के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्यो शेखर शुक्ला सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। इसके अलावा 1996 बैच के उमाकांत उमराव और 2000 बैच के शोभित जैन को भी प्राचार्य सचिव स्तर पर नए प्रभार सौंपे गए हैं, हालांकि उनके विभागों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।

स्वास्थ्य से जनजातीय कार्य विभाग में बदलाव

फेरबदल के तहत 2010 बैच के आईएएस अधिकारी तरुण राठी को स्वास्थ्य सेवाएं आयुक्त, भोपाल के पद से हटाकर आयुक्त, जनजातीय कार्य, भोपाल नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

समय और निर्णय पर उठे सवाल

राज्य सरकार ने आधिकारिक रूप से दिलीप कुमार यादव की नई नियुक्ति को इंदौर जल संकट मामले से नहीं जोड़ा है, लेकिन प्रकरण की गंभीरता और नियुक्ति के समय को देखते हुए इस फैसले पर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाएँ तेज हैं। विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों की नजर अब इस बात पर है कि जल आपूर्ति मामले की जाँच और जवाबदेही की प्रक्रिया आगे किस दिशा में जाती है।

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