भारत–यूके संसदीय संवाद से द्विपक्षीय संबंधों को नई गति
लोकतांत्रिक मूल्यों पर भारत–यूके की साझा प्रतिबद्धता
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भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच उच्चस्तरीय संसदीय संवाद
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लोकतंत्र, व्यापार और सामाजिक जुड़ाव पर सहमति
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भारत की तकनीकी और सामाजिक प्रगति की प्रशंसा
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भारत–यूनाइटेड किंगडम दृष्टि 2035 को दीर्घकालिक साझेदारी का मार्गदर्शक बताया
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 16 जनवरी: भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच संसदीय सहयोग को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से भारतीय संसद में महत्वपूर्ण संवाद आयोजित किया गया। इस दौरान यूनाइटेड किंगडम की हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर सर लिंडसे होयल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला से विस्तृत चर्चा की।
लोकतंत्र और साझा विश्वास
यूनाइटेड किंगडम के स्पीकर ने कहा कि भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच गहरी और ऐतिहासिक मित्रता है, जिसकी नींव लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान मतपेटी से होता है, हथियारों से नहीं।
व्यापार, विज्ञान और चिकित्सा सहयोग
सर लिंडसे होयल ने नए व्यापार समझौतों से द्विपक्षीय सहयोग को गति मिलने की बात कही। उन्होंने चिकित्सा और विज्ञान के क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की भी प्रशंसा की। साथ ही कहा कि क्रिकेट का खेल भारत और यूनाइटेड किंगडम के संबंधों को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है।
तकनीक और समावेशी व्यवस्था
यूनाइटेड किंगडम के स्पीकर ने भारतीय संसद में लागू बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुवाद प्रणाली की सराहना करते हुए इसे समावेशी लोकतंत्र का सशक्त उदाहरण बताया।
शिक्षा और जन-जन के संबंध
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि लंदन की प्रमुख विश्वविद्यालयों की शाखाएँ दिल्ली में भी स्थापित की जाएंगी। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में बसे लगभग 20 लाख भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच जन-जन के संबंधों की मजबूत कड़ी बताया।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं।
दीर्घकालिक साझेदारी की दिशा
दोनों पक्षों ने भारत – यूके विजन 2035 को भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच दीर्घकालिक साझेदारी का स्पष्ट मार्गदर्शक बताया। लोकसभा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि इस संवाद से संसदीय मित्रता को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष के विशेष कार्याधिकारी राजीव दत्ता भी उपस्थित रहे।