आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण का नया कीर्तिमान, चार विश्व रिकॉर्ड दर्ज
एक ही परियोजना में चार वैश्विक उपलब्धियां, सड़क निर्माण को नई पहचान
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आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के दौरान चार विश्व कीर्तिमान
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एक ही दिन में सबसे लंबी और सबसे अधिक मात्रा में डामर मिश्रण बिछाया गया
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बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे के दो हिस्सों में उपलब्धि
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परियोजना पूरी होने पर दूरी और समय दोनों में बड़ी कमी
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 12 जनवरी: आंध्र प्रदेश में चल रहे बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे के निर्माण कार्य ने राष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। इस परियोजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के क्षेत्र में चार विश्व कीर्तिमान दर्ज किए गए हैं। इस उपलब्धि की जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने साझा की।
पहले चरण में बने दो कीर्तिमान
छह जनवरी को पुट्टपर्थी के समीप चौबीस घंटे के भीतर तीन लेन चौड़े खंड पर 28 दशमलव 89 लेन किलोमीटर तक डामर मिश्रण बिछाया गया। इसके साथ ही इसी अवधि में 10 हजार 655 मीट्रिक टन डामर मिश्रण बिछाने का कीर्तिमान भी स्थापित हुआ। यह दोनों उपलब्धियाँ छह लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में पहली बार दर्ज की गईं।
दूसरे चरण में और तेज रफ्तार
इसके बाद ग्यारह जनवरी को निर्माण की गति और बढ़ी। इस दिन 57 हजार 500 मीट्रिक टन डामर मिश्रण लगातार बिछाया गया और 156 लेन किलोमीटर सड़क का पक्कीकरण किया गया। इस दौरान पहले से मौजूद वैश्विक कीर्तिमान को काफी पीछे छोड़ दिया गया। यह कार्य परियोजना के दूसरे और तीसरे हिस्से में पूरा किया गया।
गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष जोर
निर्माण कार्य के दौरान आधुनिक मशीनों और उपकरणों का उपयोग किया गया। बड़ी संख्या में टिपर, मिश्रण संयंत्र, सड़क बिछाने की मशीनें और रोलर लगाए गए। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों और उपकरण निर्माताओं द्वारा निरंतर निगरानी की गई, जिससे सुरक्षा और मानकों का पूरा ध्यान रखा गया।
आर्थिक गलियारे की मुख्य विशेषताएँ
यह 343 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला आर्थिक गलियारा तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा है। इसमें 17 प्रवेश और निकास मार्ग, 10 मार्ग किनारे सुविधाएं और 5 दशमलव 3 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल हैं। करीब 21 किलोमीटर का हिस्सा वन क्षेत्र से होकर गुजरता है।
यात्रा में समय और दूरी की बचत
परियोजना पूरी होने के बाद बेंगलुरु से विजयवाड़ा की दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी। अभी जहां इस यात्रा में करीब बारह घंटे लगते हैं, वहीं भविष्य में यह समय घटकर लगभग आठ घंटे रह जाएगा। इससे रायलसीमा क्षेत्र और आंध्र प्रदेश के तटीय व उत्तरी हिस्सों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों का संपर्क मजबूत होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।