ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका के आगे गिड़गिड़ाया पाकिस्तान,66 बार मांगा हस्तक्षेप
कॉल, ईमेल और बैठकों के ज़रिये भारतीय सैन्य अभियान रुकवाने की मांग
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने अमेरिका से 66 बार संपर्क किया
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कॉल और ईमेल के ज़रिये भारतीय सैन्य अभियान रोकने की मांग
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पाकिस्तानी राजदूत और डिफेंस अटैची की अमेरिकी सांसदों से गुहार
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पहले भी करोड़ों डॉलर खर्च कर अमेरिका में लॉबिंग करता रहा पाकिस्तान
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 06 जनवरी: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस सैन्य कार्रवाई के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि आतंकवाद के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
अंदर तक लगी चोट, बचने का रास्ता खोजता पाकिस्तान
भारतीय सेना की इस कार्रवाई से पाकिस्तान को गहरी चोट पहुँची। सैन्य और रणनीतिक दबाव के बीच पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर राहत पाने के लिए हाथ-पांव मारने लगा। इसी क्रम में पाकिस्तान ने अमेरिका से हस्तक्षेप की उम्मीद लगाई और वॉशिंगटन के दरवाज़े खटखटाने शुरू कर दिए।
66 बार अमेरिका से संपर्क, दस्तावेज़ों में बड़ा खुलासा
सामने आए दस्तावेज़ों के अनुसार बड़ा खुलासा हुआ है। इन दस्तावेज़ों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत से लेकर सीजफायर लागू होने तक अमेरिका में तैनात पाकिस्तानी राजदूत और डिफेंस अटैची ने कुल 66 बार अमेरिकी सरकार के अधिकारियों, सांसदों और मीडिया प्रतिनिधियों से संपर्क किया।
कॉल-ईमेल के ज़रिये सैन्य अभियान रोकने की मांग
दस्तावेज़ बताते हैं कि पाकिस्तान ने कॉल और ईमेल के माध्यम से अमेरिका से भारतीय सैन्य कार्रवाई में दखल देने की अपील की। पाकिस्तान की ओर से बार-बार यह मांग की गई कि भारत के अभियान को रोका जाए और किसी तरह सीजफायर लागू कराया जाए। यह साफ दर्शाता है कि भारतीय सेना की कार्रवाई से पाकिस्तान किस कदर दबाव में था।

अमेरिका में लॉबिंग की पुरानी रणनीति
यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने अमेरिका में अपनी पैरवी के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए हों। नवंबर 2025 में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि पाकिस्तान ने अमेरिका में अपनी बात तेज़ी से पहुँचाने और अपने पक्ष में सौदे हासिल करने के लिए छह लॉबिंग फर्मों के साथ सालाना 50 लाख डॉलर के अनुबंध किए थे।
ट्रंप के साथ मुलाकात और डील का संबंध
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा सेडेन कानून एलएलपी के साथ समझौता किए जाने के कुछ ही सप्ताह बाद तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असिन मुनीर की मेज़बानी की थी और उनके साथ लंच भी किया था।
उपठेके के ज़रिये प्रभाव बढ़ाने की कोशिश
बताया गया है कि सेडेन लॉ एलएलपी ने आगे जैवलिन सलाहकार को उपठेका दिया था, जो सरकारी संबंधों से जुड़ा एक वेंचर है। इसे अमेरिका में पाकिस्तान के प्रभाव को बढ़ाने की एक संगठित रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।