अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के घर पर हमला — आखिर निशाना क्यों बने?

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

पूनम शर्मा
अमेरिका से इस वक्त एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के आवास पर हमला किया गया है। अब इस हमले की तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं, जिनमें साफ़ देखा जा सकता है कि जेडी वेंस के घर की कई खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी और राहत की बात यह है कि हमले के समय जेडी वेंस अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

लेकिन सवाल सिर्फ़ इतना नहीं है कि हमला हुआ — असली सवाल यह है कि यह हमला क्यों हुआ और इसके पीछे कौन है?

यह घटना इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि कुछ ही दिन पहले अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर सैन्य कार्रवाई की थी। अब उस कार्रवाई के बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति के घर पर हमला होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। किसने जेडी वेंस को निशाना बनाया?
क्या यह महज़ एक आपराधिक घटना है या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक साज़िश है?

“इस मामले में चुप्पी सबसे ज्यादा संदिग्ध है”

इस पूरे मामले में अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की चुप्पी ही सबसे बड़ा सवाल है। अगर यह सिर्फ़ चोरी की कोशिश होती, या नशे में किसी व्यक्ति द्वारा की गई फायरिंग होती, तो अब तक पूरा मामला साफ़ हो चुका होता। लेकिन तीन से चार घंटे बीत जाने के बावजूद न तो आरोपी का नाम सामने आया है और न ही कोई ठोस बयान।

एक संदिग्ध को हिरासत में लेने की बात तो कही गई है, लेकिन उसकी पहचान छुपाई जा रही है। अमेरिका जैसे देश में, जहां राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति से जुड़ी छोटी-सी धमकी पर भी तुरंत प्रेस ब्रीफिंग हो जाती है, वहां इस स्तर की चुप्पी बेहद असामान्य और चिंताजनक है। क्या चीन या वैश्विक तनाव भी वजह हो सकते हैं? वैश्विक हालात इस समय बेहद तनावपूर्ण हैं। चीन, रूस, यूक्रेन और मध्य-पूर्व — हर जगह हालात अस्थिर हैं। दुनिया के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। ऐसे में यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या किसी विदेशी शक्ति का इससे कोई संबंध हो सकता है।

जेडी वेंस का घर और सुरक्षा व्यवस्था

जेडी वेंस का यह आवास कोई साधारण घर नहीं है। यह एक अत्यंत सुरक्षित इलाके में स्थित है, ऊँचाई पर बना हुआ है। घर के पीछे से ओहायो नदी बहती है और पीछे का लॉन सीधे नदी की ओर खुलता है। यह इलाका आमतौर पर कड़ी सुरक्षा में रहता है।

एक और बेहद अहम बात — हमले से कुछ ही घंटे पहले जेडी वेंस की पत्नी और परिवार फ्लाइओवर के ज़रिये घर से निकल चुके थे।
यह घर लगभग 2.25 एकड़ में फैला हुआ है, जहां बिना योजना के पहुंचना आसान नहीं है।

शुरुआत में खबरें आईं कि गोलियां चलाई गईं। कई खिड़कियां टूटीं — सिर्फ़ एक नहीं, बल्कि कई। बाद में पुलिस ने कहा कि वे अभी यह पुष्टि नहीं कर सकते कि नुकसान गोलियों से हुआ या पत्थरों से।
अगर पत्थरों से हमला हुआ, तो इसका मतलब है कि हमलावर घर के बेहद करीब तक पहुंचा था — जो अपने आप में सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।

क्या यह हत्या की कोशिश थी या चेतावनी?

इस पूरे घटनाक्रम को देखकर यह कहना मुश्किल नहीं कि यह सीधी हत्या की कोशिश नहीं लगती। अगर मकसद हत्या होता, तो तरीका कहीं ज्यादा घातक होता। यह हमला ज़्यादा एक डराने और संदेश देने की कोशिश जैसा लगता है —“देखिए, अगली बारी आपकी भी हो सकती है।”

लेकिन यह संदेश किसके लिए था? यूक्रेन, ज़ेलेंस्की और जेडी वेंस हाल के दिनों में जेडी वेंस ने यूक्रेन युद्ध को लेकर बयान दिए थे। उन्होंने कहा था कि अमेरिका को एक लंबे युद्ध में घसीटा जा रहा है और उसे इसमें जरूरत से ज्यादा आक्रामक नहीं होना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप पहले ही व्हाइट हाउस में ज़ेलेंस्की को सार्वजनिक रूप से अपमानित कर चुके हैं, यह कहते हुए कि अमेरिका की मदद के बिना यूक्रेन दो दिन भी नहीं टिक सकता। जब जेडी वेंस ने इसी तरह की सावधानी भरी बात दोहराई, तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। धमकियां मिलीं।
और अब यह हमला।

क्या सत्ता के भीतर ही टकराव है?

एक और बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि वेनेज़ुएला पर हमले के दौरान जेडी वेंस को ऑपरेशन रूम से बाहर क्यों रखा गया? क्या यह एहतियात थी कि एक साथ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को निशाना न बनाया जा सके? या फिर प्रशासन के भीतर ही उपराष्ट्रपति को लेकर अविश्वास है?अगर राष्ट्रपति को कुछ होता है, तो उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति बनता है — क्या यह किसी तरह का सत्ता संघर्ष है?

आरोपी की पहचान क्यों छुपाई जा रही है? सबसे संवेदनशील सवाल यही है। अगर आरोपी किसी मुस्लिम समुदाय से होता, या विदेशी नागरिक होता, तो अब तक उसका नाम, पृष्ठभूमि और देश सब सामने आ चुका होता — जैसा पहले कई मामलों में हुआ है।

यह चुप्पी इस ओर इशारा करती है कि आरोपी संभवतः एक अमेरिकी नागरिक है। और अगर यह बात सामने आ गई कि अमेरिका के नागरिक ही अपने उपराष्ट्रपति पर हमला कर रहे हैं, तो यह ट्रंप प्रशासन और पूरी राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ गुस्से को उजागर कर देगा।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.