वेनेजुएला की राजधानी कराकस पर अमेरिका का जोरदार हमला

ट्रंप की धमकी के कुछ दिनों बाद कार्रवाई, कराकस में गूंजे धमाके; लोग घरों से बाहर निकले

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  • कराकस में कम से कम 7 जोरदार धमाकों की आवाज़, कई इलाकों में दहशत
  • कम ऊंचाई पर उड़ते फाइटर प्लेन देखे जाने का दावा
  • हालिया तेल कंपनियों और टैंकरों पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद तनाव चरम पर
  • पहले भी ड्रग्स लोडिंग से जुड़े एक डॉक पर हमले की पुष्टि कर चुके हैं ट्रंप

समग्र समाचार सेवा
कराकस | 03 जनवरी: वेनेजुएला की राजधानी कराकस में शनिवार तड़के जोरदार धमाकों की आवाज़ों से दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोटों के बाद लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। कई इलाकों में कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों को भी देखा गया, जिससे हवाई हमले की आशंका और गहरी हो गई।

ट्रंप की धमकी के बाद कार्रवाई का दावा

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले ही वेनेजुएला के खिलाफ कड़े कदमों की चेतावनी दी थी। अमेरिकी मीडिया में आई रिपोर्ट्स के अनुसार, दबाव बढ़ाने के लिए यह कार्रवाई की गई। हालांकि, इस पर दोनों देशों की ओर से आधिकारिक बयान सीमित हैं।

तेल कंपनियों पर नई पाबंदियां

अमेरिकी वित्त विभाग ने वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री से जुड़ी चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं—एरीज ग्लोबल इन्वेस्टमेंट एलटीडी, कॉर्नियोला लिमिटेड, क्रेप मर्टल कंपनी एलटीडी और विंकी इंटरनेशनल लिमिटेड।

इसके साथ ही इन कंपनियों से जुड़े तेल टैंकर—डेला, वैलिएंट, नॉर्ड स्टार और रोजालिंड—को भी बैन सूची में शामिल किया गया है। अमेरिका का तर्क है कि इन कदमों का मकसद वेनेजुएला पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है।

पहले भी डॉक पर हमले की पुष्टि

इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की थी कि अमेरिका ने वेनेजुएला में एक डॉक पर हमला किया था। ट्रंप के मुताबिक, उस डॉक का इस्तेमाल नावों पर ड्रग्स लोड करने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने इसे वेनेजुएला के खिलाफ पहला जमीनी हमला बताया और कहा कि इससे देश के बड़े निर्यात और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। ट्रंप इससे पहले वेनेजुएला सरकार को आतंकवादी संगठन करार दे चुके हैं।

कराकस में हुए धमाकों और हवाई गतिविधियों के दावों ने अमेरिका–वेनेजुएला तनाव को और बढ़ा दिया है। तेल प्रतिबंधों और पहले के हमलों की पृष्ठभूमि में यह घटनाक्रम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है। आगे की स्थिति आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक पहल पर निर्भर करेगी।

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