पंच परिवर्तन भारत का सामूहिक मिशन: अश्विनी वैष्णव

वाजपेयी विरासत को समर्पित राष्ट्रीय संगोष्ठी में मूल्य-आधारित, समरस और विकसित भारत का संदेश

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 3 जनवरी: नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी रंगभवन में शुक्रवार को “पंच परिवर्तन – सशक्त, विकसित भारत की ओर” विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी उपरांत स्मृति को समर्पित रहा, साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिवंगत वरिष्ठ नेता श्रीकांत शंकर जोशी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

वाजपेयी के विचार आज भी भारत का मार्गदर्शन कर रहे हैं: अश्विनी वैष्णव

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सोच भारत के वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए प्रासंगिक है।

 

“वाजपेयी जी ने सिखाया कि विकास की जड़ें मूल्यों, समावेशन और राष्ट्रीय एकता में होनी चाहिए। पंच परिवर्तन उसी विचार को समाज के हर स्तर तक ले जाने का प्रयास है।”

पंच परिवर्तन केवल विकास नहीं, सामाजिक परिवर्तन का सूत्र

अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि पंच परिवर्तन को केवल आर्थिक या भौतिक विकास तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए।

“भारत का परिवर्तन तब पूर्ण होगा, जब सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक आत्मविश्वास, नैतिक आचरण, ज्ञान और नवाचार—ये सभी एक साथ आगे बढ़ें।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका अहम है। जब समाज स्वयं को बदलता है, तो भारत अपने आप आगे बढ़ता है,

सामाजिक चरित्र के बिना विकास अधूरा: इंद्रेश कुमार

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ संघ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय प्रगति का आधार सामाजिक चरित्र होता है।


“चरित्र के बिना विकास टिकाऊ नहीं हो सकता। पंच परिवर्तन समाज की अंतरात्मा और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का प्रयास है।”

मूल्य-आधारित शिक्षा और एकता पर जोर

शिक्षाविद् डॉ. शाहिद अख्तर ने कहा कि विकसित भारत की कल्पना मूल्य-आधारित शिक्षा और सामाजिक सौहार्द के बिना संभव नहीं है।

ज्ञान, नैतिकता और आपसी विश्वास ही देश को आगे ले जा सकते हैं।

राष्ट्र निर्माण में सभी समुदायों की भागीदारी जरूरी

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग से जुड़ी मोनिका कल्हार भारद्वाज ने कहा कि भारत की विकास यात्रा तभी सफल होगी, जब सभी समुदाय साथ चलें।

“पंच परिवर्तन एक ऐसा मार्गदर्शन देता है, जिसमें हर वर्ग और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित होती है।”

पंच परिवर्तन सामूहिक उत्तरदायित्व का आह्वान

मदर‍लैंड इंटरनेशनल फाउंडेशन के महासचिव डॉ. श्रीराम जोशी ने इस पहल को समाज के भीतर से सुधार का आह्वान बताया।

उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन नागरिकों को नैतिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक स्तर पर स्वयं को सुधारने के लिए प्रेरित करता है।


विशेष दृश्य प्रस्तुति का प्रदर्शन

कार्यक्रम के दौरान पंच परिवर्तन की अवधारणा और उसके उद्देश्यों पर आधारित एक विशेष दृश्य प्रस्तुति का विमोचन और प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य सामाजिक सुधार, नैतिक मूल्यों और समावेशी विकास के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाना रहा।

वाजपेयी के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प

आयोजकों—मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और मदरलैंड इंटरनेशनल फाउंडेशन—ने कहा कि यह संगोष्ठी अटल बिहारी वाजपेयी के समरसता, संवाद और राष्ट्र-प्रथम शासन के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प है। कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों से विकसित भारत की यात्रा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

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