ग्रोक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दुरुपयोग पर 72 घंटे का अल्टीमेटम

महिलाओं के खिलाफ अश्लील सामग्री के मामलों में सरकार सख्त, 72 घंटे में सामग्री हटाने और कार्रवाई विवरण देने का आदेश

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  • ग्रोक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए महिलाओं को निशाना बनाकर अश्लील सामग्री बनाने का मामला
  • सूचना प्रौद्योगिकी कानून और नियमों के उल्लंघन का आरोप
  • 72 घंटे में सभी आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश
  • कार्रवाई नहीं होने पर कड़े कानूनी कदम उठाने की चेतावनी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 03 जनवरी: भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सामाजिक माध्यम मंच X Corp (एक्स कॉर्प, पूर्व में ट्विटर) को कड़ा नोटिस जारी किया है। मंत्रालय ने एक्स कॉर्प को निर्देश दिया है कि वह 72 घंटे के भीतर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवा ग्रोक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दुरुपयोग से जुड़ी सभी अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री हटाए तथा की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण सरकार को सौंपे।

मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो एक्स कॉर्प के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सूचना प्रौद्योगिकी कानून और नियमों के उल्लंघन का मामला

मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि एक्स कॉर्प ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के अंतर्गत निर्धारित वैधानिक जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया है।

सरकार ने एक्स कॉर्प से यह स्पष्ट करने को कहा है कि

  • अब तक आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए क्या कदम उठाए गए
  • मंच के मुख्य अनुपालन अधिकारी की भूमिका क्या रही
  • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत अनिवार्य सूचनाएं देने का पालन कैसे किया गया
ग्रोक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दुरुपयोग पर सरकार की गंभीर चिंता

मंत्रालय के अनुसार, कुछ उपयोगकर्ता ग्रोक कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल महिलाओं के खिलाफ अश्लील, आपत्तिजनक और यौन संकेतों वाली सामग्री तैयार करने में कर रहे हैं। इन सामग्रियों को सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की निजता, गरिमा और सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।

सरकार ने एक्स कॉर्प को निर्देश दिया है कि वह ऐसी सामग्री तैयार करने और फैलाने वाले दोषी उपयोगकर्ताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराए।

प्रियंका चतुर्वेदी के पत्र के बाद बढ़ी सख्ती

यह मामला उस समय और गंभीर हो गया जब राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पत्र लिखकर ग्रोक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। इसके बाद मंत्रालय ने उन रिपोर्टों पर संज्ञान लिया, जिनमें महिलाओं को निशाना बनाकर फर्जी और आपत्तिजनक चित्र एवं दृश्य सामग्री बनाए जाने की बात सामने आई थी।

मंत्रालय ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियां महिलाओं के खिलाफ अपराध को सामान्य बनाती हैं और समाज में यौन उत्पीड़न जैसी मानसिकता को बढ़ावा देती हैं।

सरकार का स्पष्ट संदेश

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा है कि सभी डिजिटल मंचों को तकनीक का जिम्मेदार, संवेदनशील और कानूनसम्मत उपयोग सुनिश्चित करना होगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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