बिहार के बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत: सात निश्चय-3 के तहत घर तक पहुँचेगी स्वास्थ्य सेवा
सबका सम्मान–जीवन आसान’ पहल से वरिष्ठ नागरिकों को इलाज, जाँच और आपात सहायता घर बैठे मिलेगी
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बुजुर्गों को घर पर नर्सिंग, जाँच और उपचार की सुविधा
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ब्लड टेस्ट, बीपी, ईसीजी और फिजियोथेरेपी की व्यवस्था
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आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध
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स्वास्थ्य विभाग को तेजी से अमल के निर्देश, सुझाव भी मांगे गए
समग्र समाचार सेवा
पटना | 03 जनवरी: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत बुजुर्गों को अब जरूरी स्वास्थ्य सेवाएँ उनके घर पर ही उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें इलाज के लिए बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है।
न्याय के साथ विकास की निरंतरता
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से सरकार ने न्याय और विकास को साथ लेकर समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम किया है। उद्देश्य यही रहा है कि राज्य का हर नागरिक सम्मान के साथ सहज जीवन जी सके।
सात निश्चय-3 का उद्देश्य
नीतीश कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 से 2030 की अवधि को ध्यान में रखते हुए सात निश्चय-3 को लागू किया गया है, ताकि बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल किया जा सके। इसका सातवां निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को कम करने पर केंद्रित है।
घर बैठे मिलेंगी स्वास्थ्य सुविधाएँ
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना के तहत सबसे पहले जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर पर नर्सिंग सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही ब्लड टेस्ट, ब्लड प्रेशर और ईसीजी जैसी जाँचें भी घर पर ही की जा सकेंगी। फिजियोथेरेपी की सुविधा के साथ आपातकालीन हालात में तुरंत चिकित्सकीय सहायता पहुँचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
विभाग को निर्देश, जनता से भागीदारी
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बुजुर्गों तक इन सुविधाओं को समय पर पहुँचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों के हित में और कौन-सी सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं, इसके लिए आम लोगों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं।