विदेश में देश को नीचा दिखाने वालों ने भारत को समझा ही नहीं: सीएम रेखा गुप्ता
दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में बोलीं मुख्यमंत्री, भारतीयता और संस्कृति पर दिया जोर
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दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के मंच से सीएम रेखा गुप्ता का कड़ा संदेश
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विदेश में भारत के खिलाफ बयान देने वालों पर परोक्ष निशाना
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आयोजन को भारतीय संस्कृति और साहित्य का प्रतीक बताया
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अगले साल और भव्य रूप में शब्दोत्सव आयोजित करने का ऐलान
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली|02 जनवरी: दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के भव्य मंच से शुक्रवार को रेखा गुप्ता ने देश, संस्कृति और भारतीयता को लेकर स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बिना नाम लिए परोक्ष रूप से निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी भारतीय नेता या व्यक्ति अगर विदेश जाकर अपने ही देश के बारे में नकारात्मक बातें करता है, तो यह इस बात का संकेत है कि वह भारत की मिट्टी और संस्कृति से जुड़ा नहीं है। ऐसे लोग भारत को सही मायनों में समझ ही नहीं पाए हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने दो टूक कहा, “अगर कोई अपने ही देश के लिए विदेश में जाकर हल्के या नकारात्मक शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो इसका कोई औचित्य नहीं है।”
शब्दोत्सव भारत की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने दिल्ली शब्दोत्सव 2026 को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि दिल्ली में किसी सरकारी मंच से ऐसा भव्य साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजन पहले कभी नहीं हुआ। उनके मुताबिक, आज का भारत अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य से एक साथ संवाद कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वैदिक काल से लेकर डिजिटल युग तक भारत ने जो यात्रा तय की है, शब्दोत्सव उसी यात्रा का साक्षी है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा “न झुका है, न झुकेगा, अमर था, अमर रहेगा मेरा भारत महान।”
दिल्ली में आयोजन का विशेष महत्व
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में इस तरह का आयोजन होना इसलिए भी खास है क्योंकि देश के कोने-कोने से लोग यहां आकर जुड़ते हैं। यह जुड़ाव भविष्य की ओर बढ़ते भारत का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विज्ञान और तकनीक के साथ-साथ संस्कृति से जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे आयोजन उन सवालों का जवाब भी हैं जो हर माता-पिता के मन में होते हैं—कि आधुनिकता की राह पर चलते हुए बच्चों को अपनी संस्कृति से कैसे जोड़े रखा जाए।
दिल्ली की सांस्कृतिक विविधता का उल्लेख
अपने भाषण में सीएम ने दिल्ली में मनाए जाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बिहार और पूर्वांचल का छठ पर्व, महाराष्ट्र का गणेश चतुर्थी उत्सव, गुजरात का डांडिया, कांवड़ यात्रा और दीपावली पर कर्तव्य पथ पर सवा लाख दीप जलाना ये सभी आयोजन दिल्ली की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शब्दोत्सव के दौरान 40 पुस्तकों का विमोचन किया गया, जो साहित्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
भारतीयता के पुनर्जागरण का काल
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह भारतीयता के पुनर्जागरण का काल है। भारत आज विश्व पटल पर एक उभरती शक्ति के रूप में खड़ा है, जहां विकास के साथ विरासत को भी समान महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह आयोजन पहली बार जरूर है, लेकिन आखिरी बार नहीं। अगले वर्ष दिल्ली शब्दोत्सव को और भी भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।