पंकज चौधरी आईपीएस प्रमोशन मामला: सीएटी ने खारिज की ट्रांसफर याचिका
जयपुर बेंच में अंतिम चरण की सुनवाई के बावजूद ट्रांसफर याचिका खारिज, राज्य सरकार की दलीलों को CAT ने नहीं माना
प्रमोशन मामले में CAT प्रधान पीठ ने राजस्थान सरकार की ट्रांसफर याचिका खारिज की
-
जयपुर बेंच में सुनवाई अंतिम चरण में होने के बावजूद दिल्ली ट्रांसफर की कोशिश
-
तीन वर्षों से पंकज चौधरी का प्रमोशन लंबित, अनावश्यक देरी पर सवाल
-
पहले भी CAT प्रधान पीठ ने IPS बहाली में चौधरी के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला दिया था
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 19 दिसंबर:जयपुर बेंच में प्रमोशन मैटर बहस के अंतिम चरण में होने के बावजूद स्टेट ऑफ़ राजस्थान ने मैटर को नई दिल्ली प्रधान पीठ में सुनवाई के लिए ट्रांसफ़र पेटिशन दाखिल किया था जिसकी आज सुनवाई थी।
प्रकरण में चौधरी के वकील ने जिरह करते हुए बोला कि प्रार्थी जयपुर पोस्टेड है और जयपुर बेंच ने लगभग सुनवाई पूरी कर ली है।प्रार्थी का प्रमोशन राज्य सरकार ने अनावश्यक 3 वर्षों से पेंडिंग रखा हुआ है और इसपर निर्णय करने के सकारात्मक पहल की बजाय मैटर को अब दिल्ली ट्रांसफर करने का राज्य सरकार का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।बहस में राज्य सरकार की तरफ़ से एडवोकेट निधि जायसवाल शामिल हुई और प्रार्थी पंकज चौधरी की और से सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट रवींद्र एस गरिया गरिया शामिल हुए ।
माननीय चेयरमैन,प्रधान प्रशासनिक अधिकरण,नई दिल्ली ने स्टेट ऑफ़ राजस्थान की दलीलों को ख़ारिज कर दिया।पूर्व में दिल्ली की प्रधान पीठ ने पंकज चौधरी को आईपीएस में दुबारा बहाल करने में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक निर्णय किया था और स्टेट ऑफ राजस्थान को तब झटका लगा था।
प्रशासनिक प्रकरणों को राज्य सरकार द्वारा अनावश्यक विलंबित करने की यह संकीर्ण प्रक्रिया नकारात्मक मंशा को प्रमाणित करती है जो बेहतर गवर्नेंस के लिए ठीक नहीं है।प्रायः यह देखा गया है की पूरे देश से प्रदेशों से प्रायःपीड़ित अधिकारी अपने राज्य द्वारा न्याय ना मिल पाने पर दिल्ली प्रधान पीठ का रूख करते है पर पंकज चौधरी के मैटर में राज्य सरकार पीड़ित के रूप में आश्चर्यजनक तरीके से प्रधान पीठ में पेटिशन डालना सभी को सोचने पर मजबूर भी करता है।आज एक अन्य महत्वपूर्ण सुनवाई में बिहार कैडर के अमित लोढ़ा,आईपीएस का भी मैटर प्रधान पीठ में सुनवाई के लिए लगा हुआ था।
आईपीएस में बहाल होने के बाद पंकज चौधरी ने कमांडेंट एसडीआरएफ व हाल नोडल अधिकारी कम्युनिटी पुलिसिंग राजस्थान की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी सँभाल रहे है।वर्ष *2024 में पंकज चौधरी के विशेष प्रयासों से राजस्थान कम्युनिटी पुलिसिंग को राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ जो राजस्थान के इतिहास में अनोखा है।ऐसी विंग जिसे खाँचे का पद माना जाया करता है चौधरी ने अपनी मेहनत व योग्यता से इस विंग को भी एसडीआरएफ की तरह पहचान दिलाई है अब राजस्थान के लोग खाँचे के विभाग एसडीआरएफ व कम्युनिटी पुलिसिंग को जानते है।