भारत-जॉर्जिया संबंध: उपराष्ट्रपति से मिलीं जॉर्जियाई टीम
दोनों देशों ने नई दिल्ली में हुई बैठक में कनेक्टिविटी बढ़ाने, दूतावास खोलने और व्यापार, फिल्म, आईटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर सहमति जताई
- उच्च-स्तरीय मुलाकात: जॉर्जियाई संसद के अध्यक्ष शाल्वा पापुआशविली की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की।
- बड़े कूटनीतिक कदम का स्वागत: दोनों पक्षों ने जॉर्जिया में नए भारतीय दूतावास के उद्घाटन का स्वागत किया, इसे राजनयिक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
- सहयोग विस्तार: बैठक में पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, फिल्म उद्योग और खेल जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 3 दिसंबर: भारत और जॉर्जिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम देते हुए, जॉर्जिया की संसद के अध्यक्ष शाल्वा पापुआशविली के नेतृत्व में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने आज नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की। संसद भवन में हुई इस उच्च-स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग को संस्थागत रूप देने और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने पर रचनात्मक चर्चा हुई।
नए दूतावास और कनेक्टिविटी पर ज़ोर
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और जॉर्जियाई संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में हुए हालिया विकासों का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने विशेष रूप से जॉर्जिया में नए भारतीय दूतावास के उद्घाटन का स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
बैठक में सीधी कनेक्टिविटी (Enhanced Direct Connectivity) बढ़ाने की अपार संभावनाओं पर भी ध्यान दिया गया। यह उम्मीद जताई गई कि सीधी कनेक्टिविटी से आर्थिक, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। सीधी कनेक्टिविटी बढ़ने से न केवल पर्यटन में वृद्धि होगी, बल्कि दोनों देशों के उद्यमियों के लिए व्यापार के नए द्वार भी खुलेंगे।
बहु-क्षेत्रीय सहयोग का विस्तार
भारत जॉर्जिया संसदीय संबंध की मजबूती केवल राजनयिक स्तर तक ही सीमित नहीं रही। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया:
व्यापार और निवेश: दोनों देशों ने फार्मास्यूटिकल्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में व्यापार और निवेश बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।
शिक्षा और IT: जॉर्जिया में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, दोनों पक्षों ने विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा की। आईटी क्षेत्र में आपसी विशेषज्ञता का लाभ उठाने पर भी सहमति बनी।
कला और संस्कृति: फिल्म उद्योग, खेल और पर्यटन में सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ सके और जॉर्जिया भारत के लिए एक आकर्षक पर्यटन स्थल बन सके।
साझा लोकतांत्रिक मूल्य और सतत संवाद
बैठक में यह बात भी रेखांकित की गई कि भारत और जॉर्जिया के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्य हैं और दोनों देशों के बीच की साझेदारी मजबूत हो रही है। अधिकारियों ने कहा कि इस मुलाकात ने व्यापक जुड़ाव और सतत संवाद के लिए दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और जॉर्जियाई प्रतिनिधिमंडल ने नियमित संसदीय बातचीत को स्थापित करने के महत्व पर जोर दिया ताकि भारत जॉर्जिया संसदीय संबंध को और अधिक संस्थागत बनाया जा सके। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि दोनों देशों की विधानपालिकाओं के बीच संपर्क बना रहे, जिससे द्विपक्षीय सहयोग को निचले स्तर पर भी मजबूती मिल सके। यह मुलाकात वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक पहुंच और जॉर्जिया के साथ उसके गहरे होते रणनीतिक संबंधों को दर्शाती है।